
डेस्क: 2026 की शुरुआत में टेक इंडस्ट्री में छंटनी की लहर तेज हो गई है. Oracle, Meta और Amazon जैसी दिग्गज कंपनियां हजारों कर्मचारियों को बाहर कर रही हैं. सिर्फ पहले तीन महीनों में ही 51 हजार से ज्यादा नौकरियां खत्म हो चुकी हैं. कंपनियां इन कटौतियों के जरिए अरबों डॉलर बचाकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में निवेश बढ़ा रही हैं. यह बदलाव टेक सेक्टर के भविष्य की दिशा को साफ दिखाता है.
फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, Oracle ने 31 मार्च को अपने इतिहास की सबसे बड़ी छंटनी में से एक को अंजाम दिया. कंपनी ने करीब 20 हजार से 30 हजार कर्मचारियों को बाहर कर दिया, जो उसके कुल वर्कफोर्स का लगभग 18 प्रतिशत है. यह कटौती अमेरिका, भारत, कनाडा और मेक्सिको जैसे कई देशों में की गई. रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी इस फैसले से हर साल 8 से 10 अरब डॉलर तक की बचत करेगी. इस पैसे को AI डेटा सेंटर और हाई परफॉरमेंस कंप्यूटिंग सिस्टम में निवेश किया जाएगा, जिससे कंपनी भविष्य की टेक रेस में आगे रह सके.
रिपोर्ट के अनुसार, मेटा ने भी सीईओ मार्क जुकरबर्ग के ईयर ऑफ एफिशिएंसी प्लान के तहत छंटनी की है. कंपनी ने Reality Labs, Facebook, सेल्स और रिक्रूटिंग जैसे विभागों में सैकड़ों कर्मचारियों को निकाला. पहले जहां 20 प्रतिशत तक छंटनी की चर्चा थी, वहीं असल में कटौती सीमित रही. Meta अब Llama जैसे AI मॉडल और बड़े डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स पर भारी निवेश कर रही है. कंपनी का फोकस अब कम कर्मचारियों के साथ ज्यादा टेक्नोलॉजी आधारित काम करने पर है.
अमेजन ने जनवरी में करीब 16 हजार कॉरपोरेट नौकरियां खत्म कीं, जो हाल के वर्षों की सबसे बड़ी छंटनी में से एक है. यह कदम Alexa और फिजिकल रिटेल जैसे कमजोर प्रदर्शन वाले विभागों में उठाया गया. कंपनी अब AWS और AI सेक्टर पर ज्यादा ध्यान दे रही है. वहीं Atlassian ने भी मार्च में लगभग 1600 कर्मचारियों को निकाला, जो उसके कुल स्टाफ का करीब 10 प्रतिशत है. कंपनी का कहना है कि वह इस बचत को AI रिसर्च और डेवलपमेंट में लगाएगी.
ब्लॉक इंक., जिसे पहले Square के नाम से जाना जाता था, ने फरवरी में करीब 4000 कर्मचारियों को निकाल दिया. यह कंपनी के कुल वर्कफोर्स का लगभग 40 से 50 प्रतिशत हिस्सा था. कंपनी के CEO जैक डोर्सी ने AI के जरिए ऑपरेशन को ज्यादा एफिशिएंट बनाने का हवाला दिया. हालांकि बाद में खबर आई कि कंपनी कुछ कर्मचारियों को वापस बुला रही है. यह दिखाता है कि AI के साथ तेजी से बदलाव के बीच कंपनियां खुद भी अपनी रणनीति को लगातार एडजस्ट कर रही हैं.
2026 के पहले तीन महीनों में 100 से ज्यादा छंटनी के मामले सामने आए हैं. सबसे ज्यादा असर अमेरिका में देखा गया, जहां 32 हजार से ज्यादा नौकरियां गईं, जबकि ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी में भी असर दिखा. फिनटेक, ई कॉमर्स और एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं. कंपनियां इन कदमों को AI फर्स्ट फ्यूचर के लिए जरूरी बता रही हैं. हालांकि आलोचकों का कहना है कि मुनाफा कमाने के बावजूद कंपनियां मिड लेवल कर्मचारियों को हटाकर AI टूल्स से काम करा रही हैं, जिससे नौकरी की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है.
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