
वॉशिंगटन/नई दिल्ली । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) ने कहा कि अन्य देशों की तरह भारत पर भी (Like other Countries on India as well) नया 10 फीसदी टैरिफ लागू होगा (New 10 percent Tariff will be Imposed) ।
अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट की तरफ से टैरिफ लगाए जाने के बाद से लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल ये है कि इसका असर भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए व्यापारिक समझौते पर किस तरह से पड़ेगा, भारत को कोई लाभ मिलेगा या नहीं। यह सवाल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पूछा गया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस सवाल के जवाब में कहा, “नहीं, कुछ नहीं बदला। वे टैरिफ देंगे, और हम टैरिफ नहीं देंगे। भारत के साथ हमारी डील यह है कि वे टैरिफ देंगे। यह पहले जैसा नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी एक जेंटलमैन हैं, असल में एक बहुत अच्छे इंसान हैं, लेकिन वह उन लोगों से कहीं ज्यादा स्मार्ट थे। वह हमें लूट रहे थे। इसलिए हमने भारत के साथ एक डील की और अब यह एक निष्पक्ष समझौता है। हम उन्हें टैरिफ नहीं दे रहे हैं, वे टैरिफ दे रहे हैं। हमने थोड़ा फ्लिप किया।”
सवाल ये भी है कि क्या इससे भारत को कोई फायदा होगा? बता दें, राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में भारत के ऊपर 25 फीसदी टैरिफ लगाया। इसके अलावा रूस से तेल खरीदने की वजह से भारत के ऊपर 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाया गया। इस तरह कुल टैरिफ 50 फीसदी हो गया, हालांकि, भारत और अमेरिका के बीच जो हाल ही में अंतरिम व्यापार समझौता हुआ, उसमें इंडिया पर 25 फीसदी टैरिफ को घटाकर 18 फीसदी किया गया। इसके अलावा रूस से तेल खरीदने को लेकर जो 25 फीसदी टैरिफ लगाया गया था, उसे भी हटाने की बात की गई।
अब सुप्रीम कोर्ट की तरफ से जो फैसला आया, उसके बाद ट्रंप ने ग्लोबली 10 फीसदी टैरिफ लगाने का ऐलान किया। इसका ये मतलब है कि अन्य देशों की तरह भारत पर भी 10 फीसदी टैरिफ लागू होगा। हालांकि, भारतीय निर्यातकों के लिए यह थोड़ी सी चिंता की बात हो सकती है, क्योंकि भारतीय निर्यात पर फिलहाल 3 फीसदी का एमएफएन लागू है। हालांकि, ट्रंप के नए टैरिफ के बाद इसमें 10 फीसदी का अलग शुल्क लागू हो सकता है।
व्हाइट हाउस ने इस संबंध में बताया कि यह घोषणा 150 दिनों के लिए अमेरिका में इंपोर्ट होने वाली चीजों पर 10 प्रतिशत एड वेलोरम इंपोर्ट ड्यूटी लगाती है। यह टेम्पररी इंपोर्ट ड्यूटी 24 फरवरी को सुबह 12:01 बजे ईस्टर्न स्टैंडर्ड टाइम के हिसाब से लागू होगी। अमेरिकी अर्थव्यवस्था की जरूरतों को पूरा करने या यूएस के सामने आने वाली बुनियादी इंटरनेशनल पेमेंट समस्याओं को ज्यादा असरदार तरीके से हल करने के लिए कुछ सामान पर टेम्पररी इंपोर्ट ड्यूटी नहीं लगेगी।
इन प्रोडक्ट् में कुछ जरूरी मिनरल, करेंसी और बुलियन में इस्तेमाल होने वाले मेटल, एनर्जी और एनर्जी प्रोडक्ट; प्राकृतिक संसाधन और फर्टिलाइजर जिन्हें अमेरिका में उगाया, माइन किया या किसी और तरह से प्रोड्यूस नहीं किया जा सकता या जिन्हें घरेलू मांग को पूरा करने के लिए काफ़ी मात्रा में उगाया, माइन किया या प्रोड्यूस नहीं किया जा सकता; कुछ खेती के प्रोडक्ट, जिनमें बीफ, टमाटर और संतरे शामिल हैं; फार्मास्यूटिकल्स और फार्मास्यूटिकल सामग्री; कुछ इलेक्ट्रॉनिक्स; पैसेंजर गाड़ियां, कुछ हल्के ट्रक, कुछ मीडियम और हेवी-ड्यूटी गाड़ियां, बसें, और पैसेंजर गाड़ियों, हल्के ट्रकों, हेवी-ड्यूटी गाड़ियों और बसों के कुछ पार्ट्स; कुछ एयरोस्पेस प्रोडक्ट और जानकारी वाली चीजें (जैसे, किताबें), डोनेशन, और साथ में सामान शामिल हैं।
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