
भोपाल। अब जिले में जनजाति वर्ग के गांव में शराब और भांग की दुकानें ग्राम सभा की अनुमति के बिना आवंटित नहीं की जाएंगी। वहीं, अस्पताल, स्कूल या धार्मिक स्थल के पास शराब व भांग दुकानें हैं तो उन्हें दूसरी जगह स्थानांतरित किया जाएगा। जिले में जनजाति समुदाय को जल, जंगल, जमीन, मजदूरों, महिलाओं और उनकी संस्कृति संरक्षण के पूर्ण अधिकार दिलाए जाएंगे। इसके लिए संबंधित विभागों के अधिकारी पेसा एक्ट कानून का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन करेंगे। यह निर्देश कलेक्टर अविनाश लवानिया ने विभाग के अधिकारियों को दिए।
कलेक्टर ने कहा कि जनजातीय समुदाय को गांव की जमीन और वन क्षेत्रों के नक्शे, खसरा बी-1 आदि पटवारी, बीट गार्ड उपलब्ध कराएंगे, जिससे जनजाति समुदाय के लोगों को तहसील के चक्कर नहीं लगाना पड़ेंगे। भू-अर्जन, खनिज सर्वे पट्टा और नीलामी के लिए ग्राम सभा की सहमति और अनुशंसा पर ही आवंटित किए जाने के अधिकार दिए गए हैं।
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