
सीजेआई ने कहा कि क्या आप उनसे उनकी सहमति पूछेंगे? सॉलिसिटर ने कहा कि हम भी सुझाव देंगे। कल तक समय दीजिए। CJI ने कहा हम आज की सुनवाई बंद कर रहे हैं। अटॉर्नी जनरल ने कहा कि जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। इसपर CJI ने जवाब दिया- ‘हमें जल्दबाजी पर लेक्चर मत दीजिए। हमने बहुत समय दिया है।’
चीफ जस्टिस ने कहा- ‘मैं रिस्क ले रहा हूं। आप बुजुर्गों को बताइए कि चीफ जस्टिस चाहते हैं कि बुजुर्ग वापस चले जाएं।’ इसपर अटॉर्नी जनरल ने कहा कि कमिटी के सामने भी लोग अड़ियल रुख अपनाएंगे। कहेंगे कि कानून वापस लो। इसके बाद सीजेआई ने कहा, ‘हमें उनकी समझदारी पर भरोसा है। हम विरोध के लिए वैकल्पिक जगह नहीं दे रहे। क्या हम किसी पूर्व CJI को कमिटी के प्रमुख बनाएं। जस्टिस लोढ़ा का नाम कैसा रहेगा?’ दुष्यंत दवे ने इसे सही कहा।
सुप्रीम कोर्ट ने सरकार ने कमेटी बनाने के लिए नाम मांगे हैं। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि कल तक नाम सौंप दिए जाएंगे। ऐसे में बिना आदेश पास किए ही आज की सुनवाई खत्म हो गई।
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