
रायसेन। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के रायसेन जिले (Raisen District) में स्थित मां कंकाली (Maa Kankali) का 250 साल पुराना मंदिर अपने चमत्कारों और रहस्यमयी किस्सों के लिए जाना जाता है। यहां की अखंड ज्योत 111 साल से लगातार जल रही है, और भक्त इसे माता की अनंत कृपा का प्रतीक मानते हैं।
मां की गर्दन का चमत्कार
भक्तों के अनुसार मंदिर में मां कंकाली की मूर्ति की गर्दन सामान्य दिन पर टेढ़ी रहती है, लेकिन दशहरे के दिन हवन के बाद कुछ क्षणों के लिए मां की गर्दन सीधी हो जाती है। यह दृश्य भक्तों के लिए अत्यंत पावन और अद्भुत माना जाता है।
सपने में आई मां, बनी स्थापना
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के पटेल हरलाल मीणा को माता कंकाली ने सपना दिखाकर इस स्थान पर खुदाई कर मूर्ति स्थापना करने का आदेश दिया था। 1731 में खुदाई के दौरान मां कंकाली के साथ ब्रह्मा, विष्णु और महेश की मूर्तियां भी निकलीं। हरलाल मीणा ने मां की मूर्ति को यहां विराजमान किया, तब से आज तक यह मंदिर भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करता आ रहा है।
चोरों पर हुआ करिश्माई असर
मंदिर से जुड़ा एक प्रसंग बताता है कि एक बार कुछ चोरों ने चोरी की कोशिश की। इसके बाद उनकी आंखों की रोशनी चली गई। जब उन्होंने मंदिर में आकर अपनी गलती मानी और माफी मांगी, तब जाकर उनकी आंखों की रोशनी वापस आई।
अखंड ज्योत और भक्तों की आस्था
मंदिर के पुजारी बताते हैं कि जिन महिलाओं की गोद सूनी होती है, यहां आकर उनकी गोद भर जाती है। भक्त यहां अपने बिगड़े कामों की हाजिरी लगाने और मन्नत पूरी होने पर धन्यवाद देने भी आते हैं। मंदिर में लगभग 111 साल से जल रही अखंड ज्योत हर समय जलती रहती है और माता की शक्ति का प्रतीक बनी हुई है। यह मंदिर न केवल धार्मिक श्रद्धा का केंद्र है, बल्कि स्थानीय लोगों और दूर-दूर से आए भक्तों के लिए आस्था और चमत्कार का केंद्र भी माना जाता है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved