
भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में ड्रग माफियाओं (Drug mafias) के खिलाफ मोहन यादव की सरकार (Mohan Yadav government) ने तीन साल का एक्शन प्लान (Action Plan) तैयार किया है। प्लान के तहत प्रमुख शहरों में ड्रग सप्लाई के नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जाएगा। मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाना की अध्यक्षता में इस संबंध में गुरुवार को पुलिस मुख्यालय में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई।
बैठक में उन्होंने कहा कि पिछले साल लॉन्च किए गए राज्य पुलिस के ‘ड्रग्स आर ए डिस्टेंस’ कैंपेन को काफी सफलता मिली है। जिस तरह राज्य अपने तय डेडलाइन से चार महीने पहले ही नक्सलवाद से मुक्त हो गया है वैसे ही ड्रग के खिलाफ भी लड़ाई छेड़नी होगी जो कि एक बड़ी चुनौती है।’
डिमांड और सप्लाई की चेन को तोड़ा जाएगा
उन्होंने कहा कि ‘मध्य प्रदेश भी अगले तीन साल के लिए केंद्र के साथ मिलकर “नशा मुक्त भारत” के लक्ष्य को हासिल करने के लिए तैयार है। इस दौरान उन्होंने ये भी कहा कि मंदसौर, नीमच, रतलाम, भोपाल, इंदौर और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में ड्रग तस्करी, डिमांड और सप्लाई की चेन को तोड़ा जाएगा। वहीं शैक्षणिक संस्थानों के पास नशीले पदार्थों की बिक्री पर कड़ा प्रतिबंध लगाए जा सके इसके लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग और सामाजिक संगठनों के सहयोग से विस्तृत रोडमैप तैयार किया जा रहा है।’
डीजीपी ने आगे कहा ‘एक ऐसा सिस्टम बनाया जा रहा जिससे औधोगिक क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाले कैमिकल का गलत इस्तेमाल न हो सके। इस तीन वर्षीय एक्शन प्लान के तहत लक्ष्य ड्रग सप्लाई चेन को तोड़ा जाएगा, ड्रग की डिमांड को कम कर अपराधियों के खिलाफ कड़े एक्शन लिए जाएंगे।’
तस्करों की संपत्ति जब्त
उन्होंने आगे बताया कि 2025 में 347 करोड़ रुपये कीमत वाली 1,44,025 किलोग्राम ड्रग्स को जब्त कर नष्ट कर दिया गया था। वहीं ड्रग तस्करों खिलाफ सफेमा एक्ट (SAFEMA) के तहत की गई कार्रवाई में 301.41 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। पुलिस के इस एक्शन से मंदसौर और नीमच जिले सबसे ज्यादा प्रभावित रहे।
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