
नई दिल्ली: ईरान जंग (Iran War) के 14वें दिन तेहरान समर्थित इराक रेज़िस्टेंस फ्रंट ने अमेरिका को बड़ा नुकसान पहुंचाया. रेज़िस्टेंस फ्रंट ने एक दावे में अमेरिका के केसी-135 विमान को मार गिराने की बात कही है. केसी-135 प्लेन के गिरने से 4 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई है. इसके साथ ही ईरान जंग में मरने वाले जवानों की कुल संख्या अब 11 हो गई है. 2 क्रू मेंबर गंभीर रूप से घायल हैं. हालांकि, अमेरिका ने इस बात को अब तक स्वीकार नहीं किया है कि इस प्लेन को ईरान समर्थित मिलिशिया ने मार गिराया है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक रेज़िस्टेंस फ्रंट ऑफ इराक ने एक बयान जारी कर बताया कि संप्रभुता की रक्षा के लिए अमेरिकी प्लेन को हमने मार गिराया है. यह प्लेन हवा में ही फाइटर जेट के भीतर ईंधन भरने का काम करता है. केसी-135 एक बोइंग कंपनी का विमान है, जो अमेरिकी वायुसेना में 1956 से तैनात है.
अमेरिकी वायुसेना में इस विमान की कुल संख्या 803 है. इस विमान को वायुसेना में शामिल करने का मकसद बमवर्षक विमानों को सहायता प्रदान करना है. इसकी अधिकतम गति 935 किमी प्रति घंटा है. इसकी कीमत 7.5 अरब रुपए है. केसी-135 प्लेन 90 हजार लीटर तेल भरकर उड़ान भर सकता है. यह हवा में ही उड़कर किसी भी प्लेन में ईंधन आसानी से भर सकता है. इस विमान का इस्तेमाल अमेरिका, फ्रांस, तुर्की और चिली जैसे देश करते हैं.
इराक रेज़िस्टेंस फ्रंट ने कैसे मारा?
इराक रेज़िस्टेंस फ्रंट तेहरान का एक मिलिशिया संगठन है. इसे हाल ही में अमेरिकी सैन्य बेसों पर हमला करने के लिए हदीद-110 ड्रोन मिला था. गुरुवार (12 मार्च) को इराक रेज़िस्टेंस फ्रंट ने 13 ठिकानों पर इन ड्रोनों के जरिए हमला किया. कहा जा रहा है कि इसी दौरान अमेरिका का केसी-135 प्लेन भी ध्वस्त हो गया. हालांकि, अमेरिका ने इसे खारिज किया है.
हदीद-110 को काफी खतरनाक ड्रोन माना जाता है. यह 510 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से उड़ान भरता है. इसे आत्मघाती ड्रोन कहा जाता है. यह ड्रोन खुद टारगेट को खोजकर निशाना बनाने का काम करता है. 2020 में कासिम सुलेमानी की हत्या के बाद इराक में इस संगठन का अस्तित्व सामने आया था. यह संगठन अक्ष-ए-मुकावमत में भरोसा रखता है. अक्ष-ए-मुकावमत एक राजनीतिक सैन्य नेटवर्क है, जो लेबनान, ईरान, इराक और सीरिया में अमेरिकी सत्ता का विरोध करने के लिए बना है.
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