
अयोध्या। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर (Shri Ram Janmabhoomi Temple) की व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव हुआ है। राम मंदिर में आज से ड्रेस कोड लागू कर दिया गया है। अब रामलला की सेवा में लगे सभी अर्चक एक समान ड्रेस में नजर आएंगे। धार्मिक समिति ने अर्चकों के लिए ड्रेस कोड तय कर दिया गया है।
धार्मिक समिति के सदस्य राजकुमार दास ने दी जानकारी
राम मंदिर ट्रस्ट के धार्मिक समिति के सदस्य राजकुमार दास ने इसकी जानकारी दी है। नए ड्रेस कोड के तहत सभी अर्चक पीत वस्त्र धारण करेंगे। गर्मी के मौसम में नीचे धोती और ऊपर उत्तरीय वस्त्र होगा। खास बात यह है कि यह वस्त्र सिला हुआ नहीं होगा, बल्कि बिना सिला हुआ रेशमी सिल्क का होगा।
धार्मिक समिति का मानना है कि रेशमी वस्त्र शुचिता की दृष्टि से उपयुक्त होता है और स्पर्श-अस्पर्श से भी इसके अशुद्ध होने की संभावना कम रहती है। वहीं, शरद ऋतु में मौसम के अनुसार गर्म कपड़ों की व्यवस्था की जाएगी। उस दौरान ऊनी वस्त्र का इस्तेमाल होगा, लेकिन वस्त्र का रंग पीत ही रहेगा।
समिति ने तय किया है कि ऋतु के अनुसार कपड़े बदलेंगे, लेकिन अर्चकों की एकरूपता बनी रहेगी। राजकुमार दास के मुताबिक आज से रामलला की सेवा में लगे सभी आचार्य और अर्चक निर्धारित ड्रेस कोड में ही नजर आएंगे। माना जा रहा है कि इस बदलाव से मंदिर की पूजा व्यवस्था में एकरूपता और अनुशासन और मजबूत होगा।
हाल ही में ये खबर भी सामने आई थी कि श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के CEO चुनने का इंटरव्यू पूरा हो चुका है। इंटरव्यू 11 और 12 अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर परिसर में हुए। इसके लिए कुल 16 लोगों ने साक्षात्कार दिया था। मिली जानकारी के मुताबिक, सीईओ के पद के लिए 5,585 लोगों ने अप्लाई किया था, जिनमें 3,877 ने गूगल फॉर्म भरा और फिर इसमें से 1580 लोगों को छांटा गया। इसके बाद करीब 111 लोगों को ऑनलाइन इंटरेक्शन के लिए बुलाया गया और फिर 16 उम्मीदवारों को दो दिन चले इंटरव्यू में बुलाया गया। अब सिलेक्शन कमेटी 3 लोगों का नाम ट्रस्ट को देगी, जिसमें से ट्रस्ट इन तीन में से किसी एक के नाम का ऐलान सीईओ पद के लिए करेगा।
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