
इंदौर। इंदौर के पंचकुइया मुक्तिधाम में प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां एक ही टोकन नंबर तीन अलग-अलग परिवारों को दे दिया गया, जिसके चलते अस्थियों की अदला-बदली हो गई। जिसमें आरोप है कि एक परिवार की अस्थियां दूसरा परिवार लेकर चला गया। मामला सामने आने के बाद परिजनों ने मुक्तिधाम प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
दरअसल इंदौर के गुरुशंकर नगर के रहने वाले मदनलाल विश्वकर्मा का 6 मार्च को अंतिम संस्कार पंचकुइया मुक्तिधाम में किया गया था। वही जब शनिवार को जब उनके परिजन अस्थियां लेने पहुंचे, तो वहां उनकी अस्थियां नहीं मिलीं। जिसके बाद जांच करने पर पता चला कि मुक्तिधाम प्रबंधन ने टोकन नंबर 13 तीन अलग-अलग परिवारों को जारी कर दिया था, जिससे भारी गफलत हो गई। जिसमें मदनलाल विश्वकर्मा के बेटे और अन्य परिजनों ने रजिस्टर में दर्ज जानकारी के आधार पर उस परिवार से संपर्क किया जो अस्थियां लेकर गया था।
बताया जा रहा है कि नगर निगम की ओर से दी गई गलत अस्थियां लेकर वह परिवार खेड़ीघाट स्थित नर्मदा तट पर विसर्जन के लिए पहुंच गया था। हालांकि अस्थि विसर्जन से पहले ही उनसे संपर्क हो गया, जिसके बाद वह परिवार बिना विसर्जन किए इंदौर के लिए वापस रवाना हो गया। इधर अपने पिता की अस्थियों के इंतजार में बेटा और अन्य परिजन घंटों तक पंचकुइया मुक्तिधाम में बैठे रहे। वही इस पूरे मामले ने मुक्तिधाम प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिसमें घटना की सूचना लगते ही मौके पर कई समाजसेवी भी पहुंचे, जिन्होंने मुक्तिधाम प्रबंधन से चर्चा कर इस पूरी गफलत में पीड़ित परिवार का सहयोग किया और इस पूरी गड़बड़ी का करण मुक्ति धाम पर तैनात नगर निगम के अपरिपक्व कर्मचारियों को बताया।वही इस पुरे मामले मे पीड़ित पक्षो ने पुलिस मे किसी प्रकार की शिकायत नहीं की है वही पुलिस का कहना है को अगर मामले मे कोई शिकायत अति है तो कार्यवाही की जाएगी…
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