
डेस्क। फ्लाईदुबई की घटना के बारे में शनिवार को मामले की जानकारी रखने वाले तीन लोगों (जिनमें खाड़ी देश और पश्चिमी देशों के राजनयिक शामिल हैं) ने बताया कि इज़राइल जाने वाली ‘फ्लाईदुबई’ (FlyDubai) फ़्लाइट के कैप्टन पर हमला करने के आरोपी को-पायलट का नाम हमम अल-हम्मामी है और वह ओमान का नागरिक है। यात्रियों और अन्य लोगों ने उसे काबू में किया था। जांच की अगुवाई कर रहे संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने कहा कि को-पायलट ने कॉकपिट में रखी ‘क्रैश एक्स’ (आपातकालीन कुल्हाड़ी) से हमला किया और यह एक “आतंकवादी हमले” के तहत विमान पर कब्ज़ा करने की कोशिश थी।
को-पायलट की पहचान बताने वाले लोगों ने नाम न बताने की शर्त पर यह जानकारी दी, क्योंकि उन्हें मीडिया से बात करने की इजाज़त नहीं थी। खाड़ी देश के राजनयिक ने कहा कि इस बात की जांच की जा रही है कि क्या उसने अकेले यह कदम उठाया (“लोन वुल्फ” के तौर पर) या उसका किसी चरमपंथी समूह से कोई संबंध है। मामले की जानकारी रखने वाले एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि ओमान ने को-पायलट को उड़ान भरने से रोक दिया था क्योंकि उन्हें शक था कि उसने चरमपंथी विचार अपना लिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इसी को-पायलट ने 182 लोगों को ले जा रहे विमान को तेज़ी से नीचे गिराकर दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश की थी।
उस व्यक्ति ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि बाद में UAE की एयरलाइन ‘फ्लाईदुबई’ ने को-पायलट को नौकरी पर रखा। यह तुरंत साफ़ नहीं हो पाया कि नौकरी पर रखते समय को-पायलट की कितनी अच्छी तरह से जांच-पड़ताल की गई थी। ओमान द्वारा उस पर रोक लगाने की खबर सबसे पहले ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ ने दी थी। फ्लाईदुबई के एक प्रवक्ता ने ईमेल में कहा कि एयरलाइन अपने आधिकारिक बयानों से ज़्यादा कुछ नहीं कह सकती और माना कि “इस समय कई सवाल हैं।” ओमान एयर की ओर से तुरंत कोई टिप्पणी नहीं आई, और घटना के बाद से बार-बार पूछे गए सवालों के जवाब में ओमान सरकार ने सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं कहा है।
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