
काठमांडू । नेपाल में जल सैलाब से भारी तबाही (Massive Devastation caused by flood in Nepal), प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरसंभव मदद का आश्वासन दिया (Prime Minister Narendra Modi assures all possible Assistance) ।
नेपाल के रसुवा में बाढ़ के कारण सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। नेपाल पुलिस के अनुसार, नुवाकोट में चार और धाडिंग में तीन शव मिले हैं। बागमती प्रांत के पुलिस प्रमुख डीआईजी दीपक रेग्मी ने शवों के मिलने की पुष्टि की। उन्होंने कहा, “हमने इलाज के लिए दो घायलों को काठमांडू भेजा है।” काठमांडू पोस्ट ने नेपाली आर्मी प्रवक्ता के हवाले से बताया कि बुधवार दोपहर तक 25 लोगों को रेस्क्यू किया गया। नेपाली सेना, आर्म्ड पुलिस फोर्स (एपीएफ) और पुलिस को तैनात किया गया है। 14 हेलिकॉप्टर भी तलाशी और बचाव अभियान में शामिल किए गए हैं। उत्तरी रसुवा में एक बॉर्डर आउटपोस्ट पर तैनात एपीएफ के चार जवान अचानक आई बाढ़ के कारण लापता हो गए हैं। एपीएफ के प्रवक्ता डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल नेत्र बहादुर कार्की ने कहा कि नेपाल-चीन के समीपवर्ती इलाके में बाढ़ आने के बाद से ही ये चार जवानों से संपर्क नहीं हो पाया है। कार्की ने कहा, “बॉर्डर पोस्ट को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है,” और साथ ही कहा कि अधिकारियों को अभी यह पता लगाना है कि क्या लापता जवान बाढ़ से प्रभावित हुए थे या नहीं।
नेपाल पर्यटन विभाग ने बताया कि कुल 384 यात्री लापता हो गए। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, लापता लोगों में से 291 विदेशी नागरिक हैं। इनमें भारत के 105 नागरिक भी शामिल हैं। विभाग ने विभिन्न टूरिज्म एजेंसियों के हवाले से आंकड़ा पेश किया है, जिसमें एक जगह 59 और दूसरी जगह कुल 46 भारतीयों की संख्या साफ दिख रही है।इसके अलावा, स्थानीय मीडिया के अनुसार, रसुवा कस्टम्स ऑफिस के 14 कर्मचारी भी संपर्क से बाहर हैं। नेपाल पुलिस के एक प्रवक्ता ने यह भी बताया कि 32 जवान भी संपर्क से बाहर हैं। बाढ़ ने नुवाकोट में त्रिशूली बाजार के पास लगभग 60 घरों को बहा दिया और दो पुलों को भी नुकसान पहुंचाया है।
हालात को देखते हुए, नेपाली प्रधानमंत्री बालेनद्र शाह ने रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा और चितवन सहित प्रभावित इलाकों के संघीय सांसदों के साथ बातचीत की । बातचीत मुख्य रूप से बाढ़ से हुए नुकसान, तटीय बस्तियों की स्थिति, और बचाव व राहत कार्यों पर केंद्रित थी। इससे पहले दिन में, प्रधानमंत्री बालेनद्र शाह ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में ताजा स्थिति और बचाव, खोज व राहत कार्यों की प्रगति के बारे में उच्च-स्तरीय जानकारी लेने के लिए ‘आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय परिषद’ की बैठक बुलाई थी। प्रधानमंत्री ने प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा और राहत के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई और बताया कि निचले तटीय इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने और विस्थापित लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए संबंधित निकायों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के पीएम बालेंद्र शाह से बात कर फ्लैश फ्लड से मची तबाही पर दुख जताया है। उन्होंने इस विपत्ति में पड़ोसी राष्ट्र की हरसंभव मदद का भरोसा दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। पीएम ने कहा, “प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से बात की और नेपाल में बाढ़ से हुई जान-माल की हानि पर संवेदना व्यक्त की। इस मुश्किल समय में भारत के लोग नेपाल में अपने भाई-बहनों के साथ खड़े हैं। भारत नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है। हमारी टीमें बचाव और राहत कार्यों के लिए मिलकर काम कर रही हैं।” इससे पहले नेपाल स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों के बारे में जानकारी देने के लिए इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। दो हेल्पलाइन नंबर +9779851316807 और +9779709107500 हैं।
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