
इंदौर। प्रदेश के वकीलों की संवैधानिक संस्था स्टेट बार काउंसिल के अगामी 12 मई को होने जा रहे चुनाव में खड़े होने वाले उम्मीदवार के नामांकन शुल्क में 5 गुना वृद्धि का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है।
इसे लेकर एक याचिका एडवोकेट नितिन सिंघ भाटी के माध्यम से दायर की गई है। इसमें कहा गया है कि पिछली बार हुए चुनाव में नामांकन शुल्क केवल 25 हजार रुपए था, जो इस बार बढ़ाकर सवा लाख रुपए कर दिया गया है। यह वृद्धि 5 गुना है, जिससे उम्मीदवारों पर आर्थिक भार बढ़ेगा। कल इस पर सुनवाई भी हुई, लेकिन कोर्ट ने फिलहाल इसे अगली तारीख तक आगे बढ़ा दिया। उल्लेखनीय है कि स्टेट बार काउंसिल के 25 सदस्यों हेतु चुनाव होना है। इसमें 7 पद महिलाओं के लिए हैं। चुनाव के लिए प्रारंभिक मतदाता सूची का प्रकाशन हो गया है।
यह है चुनाव कार्यक्रम
प्रारंभिक मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद इस पर 24 मार्च तक आपत्ति प्रस्तुत की जा सकेगी। इसके पश्चात 1 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। इसके बाद 8, 9 एवं 10 अप्रैल को उम्मीदवारों द्वारा नामांकन पत्र प्रस्तुत किए जा सकेंगे। तत्पश्चात 15 एवं 16 अप्रैल को इन नामांकन पत्रों की जांच के बाद 17 अप्रैल को प्रत्याशियों की सूची प्रकाशित की जाएगी। 20 से 22 अप्रैल की शाम 4 बजे तक तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। 22 अप्रैल को ही शाम 5 बजे प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी कर दी जाएगी।
12 मई को मतदान होगा। प्रदेश के वकील इसमें भाग लेंगे। मतगणना 16 जून से प्रारंभ होगी, जो कई दिनों तक चलेगी। अभिभाषक संघ के पूर्व अध्यक्ष गोपाल कचोलिया के मुताबिक स्टेट बार की प्रारंभिक सूची में इंदौर जिले के दस हजार 262 वकीलों के नाम हैं। इधर, चुनाव प्रक्रिया शुरू होते ही उम्मीदवारों में भी जनसंपर्क तेज कर दिया है। इंदौर से करीब एक दर्जन वकील इस बार मैदान में रहेंगे।
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