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Maldives में खसरे का प्रकोप….. फिर संकटमोचक बना भारत…. बड़ी मात्रा में वैक्सीन-दवाएं भेजी

June 13, 2026

माले। भारत (India) ने अपनी ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति (‘Neighbourhood First’ policy) को दोहराते हुए, मालदीव (Maldives) में फैले खसरे (Measles) के प्रकोप से निपटने के लिए उसे बड़ी मात्रा में चिकित्सा सहायता (Medical Assistance) भेजी है। भारत ने मालदीव में खसरे के बढ़ते मामलों से निपटने और वहां टीकाकरण को मजबूत करने में मदद के लिए खसरे के टीके की 20,000 खुराक और लगभग तीन टन मेडिकल आपूर्ति भेजी है।

विदेश मंत्रालय (MEA) के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर इस बात की पुष्टि की है कि भारत सरकार सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा और टीकाकरण को मजबूत करने के लिए मालदीव की मदद कर रही है। भेजी गई सहायता में शामिल हैं:


  • – 20,000 एमआर (Measles-Rubella) वैक्सीन की खुराकें: ताकि बीमारी के प्रसार को तुरंत रोका जा सके।
    – 3 टन का मेडिकल कंसाइनमेंट: इसमें आवश्यक दवाइयां, सिरिंज, डायग्नोस्टिक किट और अन्य महत्वपूर्ण चिकित्सा सामग्री शामिल हैं।
    – विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, यह समय पर दी गई सहायता मालदीव सरकार को खसरे के बढ़ते मामलों को नियंत्रित करने और उनकी प्रतिक्रिया क्षमताओं को बढ़ाने में काफी मदद करेगी।

    कूटनीतिक संबंध और ‘विजन महासागर’
    मालदीव का भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति और ‘विजन महासागर’ में एक विशेष और महत्वपूर्ण स्थान है। दोनों देशों के लोगों के आपसी लाभ और साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने के लिए भारत, मालदीव सरकार के साथ मिलकर काम करने के लिए हमेशा तत्पर रहा है। संकट के समय में सबसे पहले मदद का हाथ बढ़ाना भारत की इसी विदेश नीति का एक अहम हिस्सा है।

    मालदीव में खसरे की वापसी: एक चिंता का विषय
    विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने वर्ष 2021 में इस बात की पुष्टि की थी कि मालदीव ने खसरे का पूरी तरह से उन्मूलन कर दिया है। एक बार बीमारी को खत्म करने के बाद, देश में इस नए प्रकोप का सामने आना एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता है, जिससे निपटने के लिए अब तेजी से कदम उठाए जा रहे हैं।

    खसरा क्या है और इसके लक्षण क्या हैं?
    खसरा एक बेहद संक्रामक वायरल बीमारी है, जो मुख्य रूप से बच्चों को अपना शिकार बनाती है। यह संक्रमित व्यक्ति की नाक, मुंह या गले से निकलने वाली बूंदों के जरिए हवा में फैलता है। संक्रमण के 10-12 दिन बाद इसके लक्षण दिखाई देते हैं। इनमें तेज बुखार, नाक बहना, आंखें लाल होना और मुंह के अंदर छोटे सफेद धब्बे पड़ना शामिल हैं। कुछ दिनों के बाद शरीर पर लाल दाने उभरने लगते हैं, जो चेहरे और ऊपरी गर्दन से शुरू होकर धीरे-धीरे पूरे शरीर में नीचे की ओर फैल जाते हैं।

    खसरा उन्मूलन का वैश्विक महत्व
    WHO और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, खसरे के उन्मूलन से व्यापक स्तर पर जीवन रक्षक प्रभाव पड़ते हैं। इस क्षेत्र में उन्मूलन रणनीतियों से हर साल खसरे के कम से कम 11 लाख मामलों को रोका जा सकता है। रोके गए हर एक मामले से व्यक्ति के लगभग 2 सप्ताह के ‘विकलांगता-समायोजित जीवन वर्ष’ (DALYs) को बचाया जा सकता है।

    मृत्यु दर में कमी
    2020-2023 के दौरान विभिन्न रणनीतियों के संयोजन से खसरे के कारण होने वाली लगभग 11 लाख मौतों को टाला गया है। प्रति मृत्यु को टालने के लिए औसत खर्च मात्र 1,373 अमेरिकी डॉलर आंका गया है, जो इस बीमारी के खिलाफ टीकाकरण को सबसे प्रभावी और जरूरी स्वास्थ्य निवेश बनाता है।

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