
नई दिल्ली: ईरान (Iran) में हाल के विरोध-प्रदर्शनों को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है. एक ईरानी अफसर (Iranian officer) ने रविवार को कहा कि सरकार ने अब तक कम से कम 5 हजार मौतों की पुष्टि कर ली है. इनमें करीब 500 सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं. अधिकारी ने कहा कि इन मौतों के लिए आतंकवादी और हथियारबंद उपद्रवी जिम्मेदार हैं, जिन्होंने कई निर्दोष ईरानी नागरिकों को मार डाला.
सुरक्षा कारणों से नाम न बताने वाले इस अधिकारी ने बताया कि सबसे ज्यादा हिंसा और मौतें उत्तर-पश्चिम ईरान के कुर्द इलाकों में हुईं. यह इलाका पहले भी अशांति के लिए जाना जाता रहा है, जहां कुर्द अलगाववादी समूह सक्रिय हैं. बीते वर्षों में जब-जब बड़े प्रदर्शन हुए, वहां झड़पें सबसे ज्यादा हिंसक रही हैं.
क्या मौतों का आंकड़ा बढ़ सकता है?
ईरानी अफसर ने कहा कि मरने वालों की संख्या में आगे बहुत ज्यादा बढ़ोतरी होने की संभावना नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि सड़कों पर उतरने वाले लोगों को इजराइल और विदेशों में मौजूद हथियारबंद समूहों का समर्थन और हथियार मिले थे. ईरान सरकार अक्सर देश में होने वाली अशांति के लिए विदेशी ताकतों को जिम्मेदार ठहराती रही है. ईरान का कहना है कि उसका कट्टर दुश्मन इजराइल इस तरह की गतिविधियों के पीछे है. पिछले साल जून महीने में इजराइल ने ईरान पर सैन्य हमले भी किए थे.
अमेरिकी संस्था का क्या कहना है?
दूसरी तरफ अमेरिका स्थित मानवाधिकार संगठन HRANA ने शनिवार को कहा कि उसके अनुसार अब तक 3,308 लोगों की मौत हुई है. 4,382 मामलों की अभी जांच चल रही है. HRANA का दावा है कि प्रदर्शनों के दौरान 24,000 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया. वहीं नॉर्वे स्थित ईरानी कुर्द मानवाधिकार संगठन हेंगाव ने बताया कि दिसंबर के आखिर में शुरू हुए प्रदर्शनों के दौरान सबसे ज्यादा और सबसे हिंसक झड़पें उत्तर-पश्चिम के कुर्द इलाकों में ही हुई थीं.
हिंसक प्रदर्शन से कितना नुकसान हुआ?
ईरान में 19 दिन तक चले विरोध-प्रदर्शन के बाद अब हालात शांत बताए जा रहे हैं. हिंसक प्रदर्शन के 19 दिन में भारी नुकसान हुआ है. 30 प्रांतों में करीब 250 मस्जिदें और 20 धार्मिक केंद्रों को नुकसान पहुंचा. 182 एम्बुलेंस और फायर डिपार्टमेंट के सामान को मिलाकर 5.3 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ. बैंकों के 317 ब्रांच पूरी तरह तबाह हो चुके हैं. 4,700 बैंकों को 10% से 90% नुकसान हुआ है.
1,400 एटीएम को नुकसान पहुंचा, 250 एटीएम पूरी तरह बंद हो गए. बिजली क्षेत्र में 6.6 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ. शिक्षा और संस्कृति से जुड़ी धरोहरों पर भी बुरा असर पड़ा है. 265 स्कूल और शिक्षा केंद्र, 3 बड़ी लाइब्रेरी, 8 सांस्कृतिक और पर्यटन स्थल, और 4 सिनेमाघर क्षतिग्रस्त हुए.
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