
भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की मोहन यादव सरकार (Mohan Yadav Government) आज एक और लोन लेने जा रही है। मोहन यादव (Mohan Yadav) के मुख्यमंत्री (Chief Minister) बनने के बाद से यह 20वां लोन है, जो मध्य प्रदेश सरकार लेने जा रही है। एमपी सरकार इस बार 5200 करोड़ रुपए का लोन (5200 crore loan) लेगी। इस तरह अब राज्य के कर्ज का कुल बोझ बढ़कर 4.64 लाख करोड़ रुपए हो जाएगा।
5200 करोड़ रुपए लोन लेने के साथ ही पिछले सात महीनों में मध्य प्रदेश का कुल कर्ज 42,600 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। ऐसे समय में जब राज्य की वित्तीय हालत खराब चल रही है, और सरकार की वेलफेयर योजनाएं बढ़ रही हैं। लोन लेने के समय ने प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है। एक ओर जहां प्रशासनिक अफसर कह रहे हैं कि इन पैसों का इस्तेमाल चल रहे प्रोजेक्ट्स और वेलफेयर स्कीम्स में किया जाएगा, वहीं आलोचकों का कहना है कि बढ़ता हुआ कर्ज और उसकी पेमेंट में देरी से राज्य की वित्तीय प्रबंधन की पोल खुल रही है।
बीते दिनों मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के आवास पर भाई दूज के मौके पर लाडली बहन योजना की लाभार्थी महिलाएं इकट्ठा हुई थीं। इन महिलाओं को उम्मीद थी कि उनको त्योहारों पर 250 रुपए की प्रतीकात्मक ट्रांसफर मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और महिलाएं निराश होकर लौट गईं। इस दौरान मोहन यादव ने उन्हें भरोसा दिलाया कि बची हुई रकम अगले महीने खातों में भेज दी जाएगी। इसका सेथ ही 1250 रुपए से बढ़ाकर 1500 रुपए की नई किस्त मिल जाएगी।
वित्त विभाग के सूत्रों ने बताया कि पैसों के क्लियरेंस ना होने की वजह से 250 रुपए की त्योहारी किश्त मिलने में देरी हुई है। सूत्रों ने बताया कि सरकार ने शुरू में 15 अक्टूबर से पहले 1.26 करोड़ लाभार्थियों को एकमुश्त 1500 रुपए ट्रांसफर करने का प्लान बनाया था, लेकिन यह फैसला दीवाली और फिर उसके बाद भाई दूज औ अब नवंबर तक टाल दिया गया है।
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