
भैया, खाने की थाली में घी न हो तो जायका फीका लगता है, लेकिन अगर वही घी आपकी जान का दुश्मन बन जाए तो क्या कहेंगे? नर्मदापुरम के खाद्य सुरक्षा विभाग ने ऐसा ‘मसालेदार और धांसू एक्शन’ लिया है कि मिलावटखोरों के होश उड़ गए हैं! खाद्य सुरक्षा प्रशासन के खाद्य सुरक्षा अधिकारी कमलेश एस दियावार एवं बी. एस. धाकड़ ने बताया कि जिले में मिलावट के खिलाफ ताबड़तोड़ छापामारी करते हुए 6 मशहूर ब्रांड्स के घी को सीधे ‘जहरीला और असुरक्षित’ घोषित कर दिया गया है। रसोई के इस खेल में जब विभाग ने कुंडली खंगाली, तो 1426 किलो यानी पूरे 7 लाख 30 हजार रुपये का मिलावटी घी ज़ब्त कर लिया गया। अब जरा सोचिए, लोग सेहत बनाने के लिए घी खरीद रहे थे, और कंपनियां उनकी सेहत बिगाड़ने का पूरा इंतजाम करके बैठी थीं!
1. नंद कृष्णा घी (बैच नं. PF-07-26)
2. संगाथ गाय का घी – 1 लीटर, 500 ml और 200 ml (बैच नं. AD07, AD04 आदि)
3. ब्रजवासी घी – 1 लीटर (बैच नं. UG05)
4. मधुसूदन घी – 450 ml (बैच नं. CFL-1421)
5. कृष्णा घी
विभाग ने दो टूक कह दिया है कि इन ब्रांड्स के इन खास ‘बैच नंबरों’ वाले घी को गलती से भी मत खाना, वरना पेट का भूगोल और सेहत का समीकरण दोनों बिगड़ जाएंगे। दुकानदारों को भी चेतावनी दे दी गई है कि चुपचाप अपना माल समेट लें और विभाग को सूचना दें, वरना ऐसी कानूनी गाज गिरेगी कि कारोबारियों के पसीने छूट जाएंगे! तो जनाब, अगली बार घी का डिब्बा खोलें, तो उसकी कुंडली (बैच नंबर) जरूर चेक कर लें, कहीं आपकी सेहत पर मिलावट का यह तड़का भारी न पड़ जाए।
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