
इन्दौर। जूनी इंदौर थाने में सोशल मीडिया पर सांसद प्रतिनिधि के विरोध में मैसेज वायरल करने के मामले में धमकी देने को लेकर प्रकरण दर्ज किया गया है। इसमें सांसद प्रतिनिधि पंकज फतेहचंदानी और भाजपा कार्यकर्ता आयुष भार्गव पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने फरियादी को जान से मारने की धमकी दी।
कल रात फरियादी मयंक पिता देवीदास पमनानी ने जूनी इंदौर थाने में आवेदन दिया, जिसमें आयुष भार्गव निवासी टापू नगर को आरोपी बनाया गया है। मयंक द्वारा थाने पर दिए गए आवेदन के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है। इस एफआईआर में मयंक ने आरोप लगाया कि मेरा एक वॉट्सऐप ग्रुप है, जिसमें मैं प्रात:कालीन और दोपहर के अखबारों की खबरें पोस्ट करता हूं। शाम को मेरे पास आयुष भार्गव का फोन आया और बोला कि आपने नमो-नमो शंकर के अध्यक्ष पंकज फतेहचंदानी के खिलाफ पेपर में छापी खबर को अपने वॉट्सऐप ग्रुप पर क्यों चलाया? मुझसे कहा कि उसे डिलीट करो, नहीं तो अंजाम बुरा होगा।
मैंने खबर हटाने से मना कर दिया और फोन काट दिया। उसके बाद उसने बार-बार फोन लगाया, लेकिन मैंने नहीं उठाया। बाद में जब फोन उठाया तो उसने मुझसे फोन पर अभद्र भाषा का प्रयोग किया और जान से मारने तथा देख लेने की धमकी दी, जिसकी मैंने कॉल रिकार्डिंग कर ली है। पमनानी ने एफआईआर में लिखवाया कि उसे संस्था नमो-नमो शंकरा के अध्यक्ष पंकज फतेहचंदानी और आयुष भार्गव से जान का खतरा है। हालांकि इस मामले में फतेहचंदानी ने कहा कि मैंने किसी को कोई धमकी नहीं दी है। वहीं पुलिस इस मामले में जांच की बात कह रही है।
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