
मुंबई। मुंबई (Mumbai) में मध्य रेलवे (Central Railway) की लोकल ट्रेन सेवाएं (Local Train Services) मंगलवार को बुरी तरह प्रभावित हुईं। सिग्नलिंग सिस्टम (Signaling System) के एक कमरे में आग लगने और ओवरहेड बिजली के तारों में खराबी के कारण हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालात ऐसे हो गए कि 80 लोकल ट्रेन सेवाएं रद्द करनी पड़ीं, जबकि कई ट्रेनें 60 से 90 मिनट की देरी से चलीं। इस बीच, सोमवार को रेलवे ट्रैक पर तीन लोगों के शव मिलने से भी चिंता बढ़ गई।
मुंबई में रेल सेवाओं में गड़बड़ी की शुरुआत सुबह करीब 9:30 बजे हुई। कांजुरमार्ग स्टेशन के सिग्नलिंग रिले रूम में शॉर्ट सर्किट की आशंका के बीच आग लग गई। इससे कम से कम 24 सिग्नल काम करना बंद कर गए। सिग्नलिंग सिस्टम प्रभावित होने के कारण ट्रेनों को विशेष सुरक्षा व्यवस्था के तहत चलाना पड़ा, जिससे उनकी रफ्तार धीमी हो गई।
एक अन्य घटना में मुलुंड और ठाणे के बीच ओवरहेड बिजली के तारों पर कोई बाहरी वस्तु गिर गई। इसके कारण डाउन लाइन पर इंसुलेटर फट गया और ट्रेन सेवाएं और प्रभावित हो गईं। इस अव्यवस्था के कारण यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। कुछ ट्रेनें करीब 30 मिनट तक एक ही जगह खड़ी रहीं, जबकि कई ट्रेनें 60 से 90 मिनट की देरी से चलीं।
ट्रेनें रुकीं तो पटरियों पर पैदल चलने लगे यात्री
स्टेशनों के प्लेटफॉर्म और ट्रेनों के भीतर यात्रियों की भीड़ बढ़ने लगी। लंबे इंतजार से परेशान कुछ यात्री ट्रेन से उतरकर पास के स्टेशनों तक पहुंचने के लिए रेलवे ट्रैक पर पैदल चलने लगे। फेडरेशन ऑफ सबअर्बन रेलवे पैसेंजर्स एसोसिएशन की सदस्य लता अरगड़े ने रेलवे की रखरखाव व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ट्रेनों और प्लेटफॉर्म पर यात्रियों को तुरंत घोषणाओं के जरिए जानकारी दी जानी चाहिए थी। उनके मुताबिक, जब तक यात्री पटरियों पर चलना शुरू नहीं कर चुके थे, तब तक घोषणाएं करने में काफी देर हो गई।
भांडुप स्टेशन पर लोकल ट्रेन की चपेट में आया युवक
रेलवे ट्रैक पर मृत मिले तीन लोगों में से एक की पहचान 21 वर्षीय साहिल थिते के रूप में हुई है। वह मुलुंड कॉलोनी का रहने वाला था। सोमवार शाम 5:39 बजे भांडुप स्टेशन पर ट्रैक पार करने के दौरान वह एसी लोकल ट्रेन की चपेट में आ गया।
कुर्ला सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक प्रवीण पडवी ने बताया कि साहिल प्लेटफॉर्म नंबर 4 से प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर जाने की जल्दी में ट्रैक पार कर रहा था। इसी दौरान प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई।
पुलिस के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई है। अधिकारी ने इस घटना को रेलवे ट्रैक पर अनधिकृत रूप से जाने से जुड़ी मौत बताया। पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि, पुलिस ने यह पुष्टि नहीं की है कि साहिल ने ट्रैक पार करने का फैसला रेल सेवाओं में आई गड़बड़ी के कारण लिया था या नहीं।
घाटकोपर और विक्रोली के बीच भी मिले दो शव
सोमवार को ही दिन में बाद में सरकारी रेलवे पुलिस ने घाटकोपर और विक्रोली के बीच रेलवे ट्रैक पर दो और शव मिलने की पुष्टि की। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रेन के मोटरमैन ने इन शवों को देखा था। खबर लिखे जाने तक दोनों मृतकों की पहचान नहीं हो सकी थी।
आग लगने के कारणों की जांच के लिए समिति गठित
मध्य रेलवे के एक अधिकारी के मुताबिक, बिजली के वोल्टेज में अचानक बढ़ोतरी और गर्मी जमा होने के कारण सिग्नलिंग रिले रूम में आग लगने की आशंका है। आग से सिग्नलिंग सिस्टम से जुड़ी केबल जल गईं, जिससे कांजुरमार्ग, भांडुप और विक्रोली में सिग्नल प्रभावित हुए।
मध्य रेलवे ने आग लगने के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की एक जांच समिति गठित की है। मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्निल नीला ने बताया कि शुरुआती जांच में स्पार्किंग के कारण आग लगने की आशंका सामने आई है। हालांकि, आग की असली वजह जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
शाम तक धीरे-धीरे बहाल हुईं ट्रेन सेवाएं
रेल सेवाओं को बहाल करने का काम मंगलवार दोपहर से शुरू हुआ। रेलवे के मुताबिक, शाम 4:10 बजे एक लाइन को परिचालन के लिए खोल दिया गया। इसके बाद शाम 4:46 बजे अप थ्रू लाइन बहाल हुई। डाउन स्लो लाइन को शाम करीब 5:30 बजे और सबसे आखिर में अप स्लो लाइन को शाम 6:18 बजे परिचालन के लिए मंजूरी मिली।
हालांकि, इस दौरान ट्रेन सेवाओं में आई गड़बड़ी के कारण यात्रियों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ी। 80 सेवाएं रद्द होने और कई ट्रेनों के काफी देर से चलने के बीच रेलवे ट्रैक पर तीन लोगों की मौत की घटनाएं भी सामने आईं।
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