
इंदौर। शहर के जाने-माने रसूखदारों के यशवंत क्लब में होने वाले चुनाव का हल्ला फिर मच गया है। अभी तक दो पैनलें ही आमने-सामने चुनाव लगती रही, मगर इस बार त्रिकोणीय मुकाबले के भी हालात बनने लगे थे। मगर कल एक पर्ची निकाली गई, जिसमें अजय बागडिय़ा और पम्मी छाबड़ा दोनों दावेदारों के नाम लिखे थे, लेकिन पर्ची में छाबड़ा का नाम निकला, जिसके चलते अध्यक्ष पद के लिए पम्मी मैदान में उतरेंगे और श्री बागडिय़ा उनकी मदद करेंगे। दूसरी तरफ टोनी सचदेवा और संजय गोरानी की पैनल भी मैदान में है। उनके लिए अध्यक्ष पद के लिए जितेन्द्र जैन और सचिव के लिए विजय कस्तूरी के नाम सामने आए हैं। दूसरी तरफ क्लब का मास्टर प्लान भी तैयार किया गया, जिसके क्रियान्वयन, देख-रेख के लिए 5 सदस्यीय निर्माण समिति का भी गठन किया गया है।
यशवंत क्लब के चुनाव हर बार शहरभर में चर्चा का विषय रहते हैं और मीडिया में भी इन चुनावों की जमकर रिपोर्टिंग होती है, क्योंकि शहर के सारे ही रसूखदार यशवंत क्लब से ही जुड़े हैं, जिनमें राजनेता, कालोनाइजर, उद्ममी, अभिभाषक से लेकर हर वर्ग के चर्चित चेहरे शामिल रहते हैं। यही कारण है कि यशवंत क्लब के चुनाव और वहां होने वाली सभी घटनाओं की सुर्खियां जल्द बन जाती है। पिछले दिनों क्लब के नए सदस्यों की भर्ती भी की गई। वहीं दो पैनलों के बीच ही अब चुनावी मुकाबला होगा। सचदेवा और गोरानी पैनल ने तो अपने अधिकांश उम्मीदवार तय कर दिए, मगर छाबड़ा पैनल से नाम आना बचे थे, जिसमें अध्यक्ष के लिए खुद पम्मी छाबड़ा और अजय बागडिय़ा भी मैदान में उतरे, फिर दोनों ने तय किया कि त्रिकोणीय मुकाबला ठीक नहीं रहेगा, जिसके चलते कोई एक व्यक्ति अपना नाम पीछे ले। लिहाजा पर्ची निकालकर नाम तय किया गया, जिसमें अध्यक्ष पद के लिए पम्मी छाबड़ा का नाम निकला, तो तय हुआ कि सचदेवा-गोरानी पैनल के मुकाबले में अध्यक्ष पद के लिए छाबड़ा लड़ेंगे।
इस पर्ची का बकायदा वीडियो भी बनाया गया, ताकि भविष्य में किसी तरह का विवाद ना रहे। अब दोनों पैनल के मुख्य उम्मीदवार तो तय हो गए हैं। जितेन्द्र जैन अध्यक्ष और सचिव के लिए कस्तूरी के अलावा सहसचिव के लिए तेजवीर जुनेगा और कोषाध्यक्ष के लिए रुपल पारीख के नाम तय बताए जा रहे हैं। वहीं सचदेवा-गोरानी पैनल के लिए वैभव दुआ, राजेश तलवार, भारती बड़ोतिया और गुनीत चड्ढा के नाम सामने आए हैं। वहीं पम्मी छाबड़ा पैनल के भी सभी नाम आज-कल में तय हो जाएंगे। क्लब संविधान के मुताबिक चूंकि कोई सदस्य लगातार तीन बार चुनाव नहीं लड़ सकता, जिसके चलते टोनी सचदेवा को मैदान छोडऩा पड़ा और उनकी जगह जितेन्द्र जैन का नाम सामने आया।
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