
भोपाल। भोपाल (Bhopal) में नए शैक्षणिक सत्र (New Academic Session) की शुरुआत के साथ ही नकली किताबों के कारोबार का बड़ा मामला सामने आया है। एमपी नगर इलाके की एक प्रमुख पुस्तक दुकान पर प्रशासन की टीम ने छापेमारी कर बड़ी मात्रा में कथित तौर पर नकली एनसीईआरटी किताबें जब्त की हैं, जिन्हें असली बताकर ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा था। कार्रवाई एमपी नगर एसडीएम एलके खरे के नेतृत्व में की गई। टीम ने दुकान के अंदर और बाहर लगे स्टॉलों से संदिग्ध किताबों का बड़ा स्टॉक बरामद किया। इन किताबों पर एक प्रकाशन का लेबल लगा था, जिसे अधिकारी संदिग्ध मान रहे हैं।
असली जैसी दिखती थीं नकली किताबें
अधिकारियों के मुताबिक, जब्त की गई किताबें देखने में पूरी तरह असली जैसी थीं, जिससे अभिभावकों के लिए उन्हें पहचानना मुश्किल हो रहा था। जांच के दौरान एक सेल्समैन को इन किताबों को बाजार मूल्य से कई गुना अधिक कीमत पर बेचते हुए पकड़ा गया।
कई कक्षाओं की किताबें शामिल
जांच में सामने आया कि कक्षा 1 से 12 तक के विभिन्न विषयों- हिंदी, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और संस्कृत की किताबों की कथित नकली प्रतियां बेची जा रही थीं। इसके अलावा कुछ निजी प्रकाशकों की पुस्तकों की भी संदिग्ध कॉपियां दुकान में उपलब्ध थीं। कार्रवाई के बाद पूरी रिपोर्ट भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को सौंप दी गई है। प्रशासन ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की सिफारिश की है और सप्लाई चेन की जांच भी शुरू कर दी गई है।
मांग बढ़ते ही सक्रिय हुआ रैकेट
छापेमारी के दौरान दुकान में भीड़ के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था कमजोर पाई गई। अग्निशमन के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे, जिसे अधिकारियों ने गंभीर लापरवाही माना है। नए सत्र में किताबों की बढ़ती मांग का फायदा उठाकर इस तरह के रैकेट सक्रिय हो जाते हैं। प्रशासन ने अभिभावकों से सतर्क रहने और केवल प्रमाणित दुकानों से ही किताबें खरीदने की अपील की है।
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