
नई दिल्ली। अटारी-वाघा बॉर्डर(Attari-Wagah border) पर नहीं मिलेगी मिठास! भारत-पाक (Indian and Pakistani)जवानों (soldiers)के बीच नहीं होगा मिठाई का आदान-प्रदान2019 में जम्मू और कश्मीर (Jammu and Kashmir)में नियंत्रण रेखा (एलओसी)(LoC) पर युद्धविराम उल्लंघन की बढ़ती घटनाओं के कारण भारत ने बीटिंग रिट्रीट परंपरा को छोड़ने का फैसला किया था. सितंबर 2016 में भारतीय सेना द्वारा सीमा पार सर्जिकल स्ट्राइक के बाद बीएसएफ ने पाकिस्तान रेंजर्स को मिठाइयां नहीं दी थीं.
इस बार गणतंत्र दिवस के मौके पर वाघा बॉर्डर पर भारत और पाकिस्तान के बीच मिठाई एक्सचेंज करने की परंपरा नहीं निभाई जाएगी. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद से बने नियमों के तहत बीएसएफ (BSF) और पाक रेंजर्स के जवान न तो हाथ मिलाएंगे और न ही सरहद का गेट खोला जाएगा. बॉर्डर पर दोपहर 2.50 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू होंगे और शाम 4.30 बजे दोनों देशों के जवान अपने-अपने क्षेत्र में परेड करेंगे.
कई बार तोड़ी गई मिठाई आदान-प्रदान की परंपरा
जनवरी 2025 (गणतंत्र दिवस) यानी पिछले साल भी सीमा पर जारी घुसपैठ की कोशिशों और सुरक्षा कारणों से बीएसएफ (BSF) ने पाकिस्तान को मिठाई देने से मना कर दिया था. भारत द्वारा अनुच्छेद 370 (Article 370) को निष्प्रभावी किए जाने के बाद पाकिस्तान ने कड़ा विरोध जताया था. तनाव इतना अधिक था कि दोनों ओर से कोई मिठाई नहीं बांटी गई थी.
जनवरी 2017 और 2018 में नियंत्रण रेखा (LoC) पर पाकिस्तान द्वारा लगातार किए जा रहे संघर्ष विराम उल्लंघन (Ceasefire Violations) और भारतीय सैनिकों की शहादत के विरोध में बीएसएफ ने परंपरा को तोड़ा था. वहीं अक्टूबर 2016 में उरी हमले के बाद भारत द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक (Surgical Strike) के कारण दिवाली के मौके पर मिठाई का आदान-प्रदान नहीं हुआ था. इसके अलावा अक्टूबर 2014 में दिवाली के दौरान सीमा पर भारी गोलाबारी के चलते बीएसएफ ने पाकिस्तान को मिठाई देने से इनकार कर दिया था.
कहां है वाघा बॉर्डर
बता दें कि अटारी-वाघा जॉइंट चेक पोस्ट अमृतसर से लगभग 30 किमी और पाकिस्तान के लाहौर से 22 किमी दूर है, जहां करीब 25,000 दर्शक बीटिंग रिट्रीट समारोह को देखने आते हैं.
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