
ढाका। बांग्लादेश (Bangladesh) में मारे गए छात्र (Student) नेता शरीफ उस्मान हादी (Sharif Osman Hadi) की पार्टी ‘इंकलाब मंच’ ने पुलिस (Police) के आरोप पत्र (Chargesheet) को मानने से इनकार कर दिया है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि इस हत्याकांड में केवल स्थानीय अपराधी ही नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र भी शामिल है। बंगाली समाचार पत्र ‘प्रथम आलो’ के अनुसार, इंकलाब मंच ने चेतावनी दी है कि अगर न्याय सुनिश्चित नहीं किया गया, तो उन्हें हिंसक आंदोलन करना पडे़गा।
ढाका महानगर पुलिस की अपराध शाखा ने मंगलवार को मुख्य संदिग्ध फैसल करीम मसूद सहित 17 लोगों के खिलाफ औपचारिक आरोप तय किए। पुलिस का कहना है कि हादी की हत्या अवामी लीग के वार्ड पार्षद तैजुल इस्लाम चौधरी बप्पी के कहने पर ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ के चलते की गई थी। पुलिस के अनुसार, कथित शूटर मसूद सीधे तौर पर अवामी लीग की छात्र इकाई से जुड़ा था।
इंकलाब मंच के सदस्य सचिव अब्दुल्ला अल जाबेर ने पुलिस के दावे को हास्यास्पद बताया। उन्होंने कहा कि कोई विक्षिप्त व्यक्ति भी यह विश्वास नहीं करेगा कि हादी की हत्या केवल एक वार्ड पार्षद के निर्देशों पर हुई। उन्होंने दावा किया कि इस हत्या में एक पूरा आपराधिक गिरोह और सरकारी तंत्र शामिल था। जाबेर ने कहा, “जब तक असली दोषियों को न्याय के कटघरे में नहीं लाया जाता तबतक हमारा संघर्ष नहीं रुकेगा।”
बता दें कि जुलाई-अगस्त 2024 के विरोध प्रदर्शनों में प्रमुखता से उभरे 32 वर्षीय हादी को 12 दिसंबर को ढाका में चुनाव प्रचार के दौरान सिर में गोली मारी गई थी। उपचार के दौरान 18 दिसंबर को सिंगापुर में उनका निधन हो गया। वे आगामी 12 फरवरी को होने वाले चुनावों में संसदीय उम्मीदवार भी थे।
हादी की हत्या से बांग्लादेश में नई राजनीतिक अशांति फैल गई और भारत के साथ उसके संबंध तनावपूर्ण हो गए। इस हत्याकांड को लेकर कुछ समूहों ने भारतीय संबंध होने का आरोप लगाया, जिसे नई दिल्ली ने सिरे से खारिज कर दिया है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इसे झूठी कहानी बताते हुए कहा कि भारत बांग्लादेश में शांति और स्थिरता का समर्थन करता है।
ढाका पुलिस ने दावा किया था कि संदिग्ध सीमा पार कर भारतीय राज्य मेघालय में घुस गए हैं। वहीं, मेघालय में सीमा सुरक्षा बल और स्थानीय पुलिस ने इन दावों को बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया है। बीएसएफ अधिकारियों का कहना है कि घुसपैठ का कोई प्रमाण या खुफिया जानकारी नहीं मिली है।
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