
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से हटाए गए लोगों के दावों और आपत्तियों पर न्यायिक अधिकारियों ने अब तक 59 लाख से अधिक मामलों का निपटारा कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट को सोमवार को यह जानकारी दी गई।
निर्वाचन आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि बाकी बचे दावों और आपत्तियों पर दिन के दौरान फैसला किया जाएगा, ताकि सभी मामलों का निपटारा समय पर हो सके। सुप्रीम कोर्ट ने उस पत्र का हवाला दिया, जो कलकत्ता उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस ने भेजा था। इस पत्र में बताया गया कि हटाए गए 60 लाख मतदाताओं के दावों पर लगातार काम चल रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि मालदा जिले में लगभग आठ लाख दावों का निपटारा कर दिया गया है। मालदा में कुछ समय पहले विरोध के दौरान जजों को घेर लिया गया था। कोर्ट ने इस प्रगति पर संतोष जताया और कहा कि शेष मामलों का निपटारा भी जल्द पूरा होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के वकील ने शीर्ष कोर्ट को बताया कि हटाए गए मतदाताओं के खिलाफ अपील सुनने के लिए बनाए गए 19 न्यायाधिकरण अभी तक कामकाज के लिए चालू नहीं हुए हैं। चीफ जस्टिस सूर्य कांत ने कहा, ऐसा माहौल बनाना चाहिए ताकि न्यायाधिकरण अपने फैसलों को तेज गति से निपटा सकें।
सुप्रीम कोर्ट ने चेतावनी दी कि अगर राज्य का प्रशासन काम करने में विफल होता है, तो हम देखेंगे कि क्या किया जा सकता है। कोर्ट ने न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा के मद्देनजर यह टिप्पणी की।
शीर्ष कोर्ट ने कहा कि पिछले घटनाक्रम को देखते हुए केंद्रीय बलों को पश्चिम बंगाल से वापस नहीं बुलाया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस से कहा कि न्यायाधिकरण के लिए अपील निपटाने की प्रक्रिया तय करने के लिए तीन जजों की समिति बनाई जाए।
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