img-fluid

‘पाकिस्तान मध्यस्थ नहीं, सिर्फ पोस्टमैन है’ और अमेरिका का वफादार

March 26, 2026

नई दिल्‍ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव (Rising tensions in the Middle East) के बीच एक बड़ी कूटनीतिक हलचल (diplomatic stir) सामने आई है। पाकिस्तान इस पूरे घटनाक्रम में अहम मध्यस्थ की भूमिका निभाता नजर आ रहा है। जानकारी के मुताबिक, अमेरिका की ओर से तैयार किए गए सीज़फायर प्रस्ताव को पाकिस्तान ने ईरान तक पहुंचा दिया है। इसी बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर ने पाकिस्तान की भूमिका पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि पाकिस्तान खुद कोई मध्यस्थ नहीं है, बल्कि सिर्फ ‘पोस्टमैन’ या ‘कूरियर’ की तरह काम कर रहा है। यानी असली बातचीत अमेरिका और ईरान के बीच सीधे तौर पर हो रही है, पाकिस्तान सिर्फ संदेश पहुंचाने का काम कर रहा है।


  • ‘अमेरिका का वफादार साथी रहा है पाकिस्तान’
    एमजे अकबर के मुताबिक, अमेरिका को पाकिस्तान पर भरोसा इसलिए है क्योंकि पाकिस्तान लंबे समय से अमेरिका का ‘वफादार साथी’ रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका पाकिस्तान को एक आज्ञाकारी सहयोगी मानता है, जबकि भारत एक स्वतंत्र सोच वाला देश है, जो अपनी नीतियां खुद तय करता है और अमेरिका के साथ बराबरी के स्तर पर रिश्ते रखता है।

    शहबाज शरीफ ने मध्यस्थता निभाने की कही बात
    उन्होंने यह भी बताया कि पाकिस्तान और अमेरिका के बीच सैन्य सहयोग बहुत पुराना है। 1950 के दशक में ही दोनों देशों के बीच समझौते हो गए थे, जिसके तहत अमेरिका को पाकिस्तान की जमीन का इस्तेमाल करने की अनुमति मिली थी। यही कारण है कि आज भी दोनों के रिश्ते काफी करीबी माने जाते हैं। दरअसल, यह बयान उस समय आया है जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हाल ही में सोशल मीडिया पर कहा था कि अगर अमेरिका और ईरान चाहें तो पाकिस्तान शांति वार्ता की मेजबानी करने के लिए तैयार है। पाकिस्तान ने खुद को इस संघर्ष में एक मध्यस्थ के रूप में पेश करने की कोशिश की थी।

    ईरान ने ठुकराया अमेरिका का प्रस्ता
    लेकिन दूसरी तरफ, ईरान ने अमेरिका के प्रस्ताव को साफ तौर पर ठुकरा दिया है। ईरान का कहना है कि वह युद्ध तभी खत्म करेगा जब उसकी अपनी शर्तें पूरी होंगी और वह अपने समय के अनुसार ही फैसला करेगा। ईरान ने यह भी कहा कि वह तब तक जवाबी कार्रवाई जारी रखेगा जब तक उसकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं।

    अमेरिका ने ईरान के सामने रखीं 15 शर्ते
    इसी बीच खबरें हैं कि अमेरिका ने ईरान के सामने युद्ध खत्म करने के लिए करीब 15 शर्तें रखी हैं। हालांकि, इस्राइल को चिंता है कि अमेरिका कहीं नरम रुख अपनाकर सिर्फ एक समझौता ढांचा बनाने की कोशिश न करे। गौरतलब है कि यह संघर्ष 28 फरवरी से शुरू हुआ था और अब चौथे हफ्ते में पहुंच चुका है। इस युद्ध का असर सिर्फ इन देशों तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक स्तर पर तेल और ऊर्जा सप्लाई पर भी असर पड़ा है, जिससे पूरी दुनिया में चिंता बढ़ गई है।

    Share:

  • आंध्र प्रदेश बस हादसे में 14 लोगों की मौत पर प्रधानमंत्री मोदी ने जताया शोक, मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपये की मदद

    Thu Mar 26 , 2026
    नई दिल्ली. प्रधानमंत्री (Prime Minister ) नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के मार्कापुरम जिले में हुए भीषण बस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये व घायलों के लिए 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की है। कैसे हुई दुर्घटना? यह […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved