इस्लामाबाद। पाकिस्तान इस वर्ष सितंबर में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की अध्यक्षता संभालने की तैयारी कर रहा है। इसी क्रम में उसने इस्लामाबाद में SCO सदस्य देशों की सीमा सेवाओं के प्रमुखों की 12वीं बैठक आयोजित की। पाकिस्तान के अनुसार, इस बैठक में भारत सहित संगठन के सभी सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। हालांकि भारत की ओर से किस अधिकारी ने प्रतिनिधित्व किया, इसकी आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई।
सीमा सुरक्षा और आतंकवाद पर हुई चर्चा
17 जुलाई को आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में सीमा प्रबंधन, सीमा पार सुरक्षा चुनौतियों और आतंकवाद विरोधी सहयोग जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में चीन, रूस, भारत, बेलारूस, ईरान, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान के प्रतिनिधियों के अलावा SCO के क्षेत्रीय आतंकवाद निरोधक ढांचे (RATS) की कार्यकारी समिति के अधिकारी भी मौजूद रहे।
बैठक में सदस्य देशों ने संयुक्त सीमा अभियान ‘सॉलिडैरिटी-2025’ के परिणामों को मंजूरी दी। साथ ही ‘सॉलिडैरिटी-2026’ अभियान की रूपरेखा और संचालन योजना पर भी सहमति बनी। इसके अलावा वर्ष 2027 के लिए विशेषज्ञ समूह की कार्ययोजना को सर्वसम्मति से स्वीकृति दी गई।
बैठक में ताजिकिस्तान के उस प्रस्ताव का भी समर्थन किया गया, जिसमें उसने वर्ष 2027 में ‘सॉलिडैरिटी-2027’ संयुक्त सीमा अभियान की मेजबानी करने की इच्छा जताई थी।
सितंबर से पाकिस्तान के हाथ में होगी SCO की अध्यक्षता
पाकिस्तान सितंबर 2026 से SCO राष्ट्र प्रमुखों की परिषद की अध्यक्षता संभालेगा। अध्यक्ष देश के रूप में वह विदेश मंत्रियों, रक्षा मंत्रियों और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (NSA) की कई महत्वपूर्ण बैठकों का आयोजन करेगा। पाकिस्तान का कार्यकाल 2027 में प्रस्तावित SCO शिखर सम्मेलन के साथ पूरा होगा।
तनाव के बावजूद बहुपक्षीय मंच पर साथ
भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय संबंध भले ही लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हों, लेकिन SCO जैसे बहुपक्षीय संगठनों में दोनों देशों की भागीदारी निर्धारित प्रोटोकॉल का हिस्सा होती है। ऐसे मंचों पर सभी सदस्य देश साझा सुरक्षा, आर्थिक और क्षेत्रीय सहयोग से जुड़े मुद्दों पर नियमित रूप से शामिल होते हैं।
क्या है शंघाई सहयोग संगठन (SCO)?
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की स्थापना 15 जून 2001 को चीन के शंघाई शहर में हुई थी। यह यूरेशिया का एक प्रमुख राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संगठन है, जिसका उद्देश्य आतंकवाद, उग्रवाद और अलगाववाद के खिलाफ सहयोग बढ़ाना, क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करना तथा व्यापार और आर्थिक संबंधों को प्रोत्साहित करना है।
वर्तमान में SCO के 10 सदस्य देश हैं—भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, ईरान और बेलारूस। भारत वर्ष 2017 में इस संगठन का पूर्ण सदस्य बना था और आज इसे एशिया-यूरेशिया क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग के सबसे महत्वपूर्ण मंचों में से एक माना जाता है।
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