
नई दिल्ली। पड़ोसी देश पाकिस्तान (Pakistan) में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर बढ़ी बेचैनी के बीच राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी (President Asif Ali Zardari) ने दावा किया है कि भारत (India) जंग की तैयारी कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय नेतृत्व पहले भी युद्ध की बात कह चुका है, लेकिन वे स्वयं शांति के पक्षधर हैं और संवाद को ही समाधान मानते हैं।
संसद में शांति की अपील
पाकिस्तानी संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए जरदारी ने कहा, “मैं पूरी जिंदगी शांति की वकालत करता रहा हूं। जंग की तैयारी छोड़कर बातचीत की टेबल पर आना चाहिए, क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए यही रास्ता है।” हालांकि उनके संबोधन के दौरान विपक्षी सदस्यों ने जमकर हंगामा भी किया।
भारत को दिया संदेश
जरदारी ने कहा कि भारत को युद्ध जैसे माहौल से बाहर निकलकर वार्ता शुरू करनी चाहिए। उनके मुताबिक, संवाद से ही क्षेत्रीय स्थिरता और शांति का रास्ता खुलेगा।
कई मोर्चों पर घिरा पाकिस्तान
राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय आया है, जब पाकिस्तान आंतरिक और बाहरी चुनौतियों से जूझ रहा है। एक ओर अफगानिस्तान के साथ सीमा पर तनाव जारी है, वहीं बलोचिस्तान में सक्रिय बलोचिस्तान लिब्रेशन आर्मी और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान जैसी संगठनों की गतिविधियों ने सुरक्षा स्थिति को जटिल बना दिया है।
जरदारी ने आरोप लगाया कि दोहा समझौते के उल्लंघन के चलते अफगानिस्तान की जमीन पर आतंकी संगठन सक्रिय हैं और वहां से पाकिस्तान पर हमले हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि “बॉर्डर पार से हो रहे हमलों ने पाकिस्तान के सब्र का बांध तोड़ दिया है।”
ईरान-इजरायल तनाव पर प्रतिक्रिया
इस बीच, ईरान पर इजरायल की कार्रवाई की भी जरदारी ने कड़ी निंदा की। उन्होंने ईरान की संप्रभुता का समर्थन करते हुए शीर्ष नेतृत्व के प्रति संवेदना व्यक्त की।
ईरान के सुप्रीम लीडर की हत्या के बाद पाकिस्तान में हिंसक प्रदर्शन हुए, जिसके चलते गिलगित-बाल्टिस्तान के स्कर्दू में तीन दिन का कर्फ्यू लगाया गया है। साथ ही अफगान सीमा पर भी तनाव की स्थिति बनी हुई है।
राष्ट्रपति ने साफ कहा कि किसी भी विदेशी या घरेलू ताकत को पाकिस्तान की शांति भंग करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
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