
नई दिल्ली । अफगानिस्तान (Afghanistan)और पाकिस्तान (Pakistan)के बीच बढ़ता सैन्य संघर्ष शनिवार सुबह उस वक्त खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया, जब पूर्वी अफगानिस्तान के रणनीतिक(Afghanistan’s strategic) शहर जलालाबाद (Jalalabad)में एक पाकिस्तानी लड़ाकू विमान (fighter aircraft) दुर्घटनाग्रस्त हो गया। अफगान सैन्य और पुलिस सूत्रों के हवाले से अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी AFP ने दावा किया है कि विमान का पायलट जीवित पकड़ा गया है और उसे अफगान सुरक्षा बलों ने बंदी बना लिया है। इस घटनाक्रम ने न केवल युद्ध की आग को और भड़का दिया है, बल्कि पाकिस्तान के लिए इसे बड़ा सैन्य और कूटनीतिक झटका माना जा रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक शनिवार सुबह शहर और विशेषकर हवाई अड्डे के आसपास दो जोरदार धमाके सुनाई दिए। धमाकों से कुछ क्षण पहले आसमान में तेज रफ्तार जेट विमान की आवाज गूंजी थी। कुछ ही देर बाद विमान के गिरने की खबर पूरे क्षेत्र में फैल गई। जलालाबाद, जो नंगरहार प्रांत की राजधानी है और काबुल को पाकिस्तानी सीमा से जोड़ने वाले अहम मार्ग पर स्थित है, लंबे समय से सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। यहां हुआ यह हादसा साफ संकेत देता है कि संघर्ष अब सीमाई झड़पों से आगे बढ़कर गहरे सैन्य टकराव का रूप ले चुका है।
अफगान अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई उनकी हवाई सुरक्षा के तहत की गई और पायलट को अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार हिरासत में रखा गया है। हालांकि पाकिस्तान की ओर से इस घटना पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सीमित रही है, लेकिन इस बीच इस्लामाबाद का रुख और सख्त होता दिख रहा है। पाकिस्तान के राज्य मंत्री तलाल चौधरी ने एक टीवी कार्यक्रम में कहा कि जब तक तालिबान अपनी “गुरिल्ला मानसिकता” नहीं छोड़ता, पाकिस्तान की नीति में कोई बदलाव संभव नहीं है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यह युद्ध जीता जाएगा और यदि कूटनीतिक रास्ते से समाधान नहीं निकला तो “कठोर दृष्टिकोण” अपनाया जाएगा।
सीमा पर तोपों की गूंज और हवाई गतिविधियों के बीच अफगानिस्तान कूटनीतिक मोर्चे पर भी सक्रिय हो गया है। विदेश मंत्रालय के दूसरे राजनीतिक निदेशक जाकिर जलाली ने कहा कि अफगानिस्तान अपनी सैन्य कार्रवाई को वैध और रक्षात्मक बता रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि अफगान अधिकारियों ने तुर्किये, कतर और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों से व्यापक बातचीत की है। तालिबान प्रशासन इन देशों के माध्यम से यह संदेश देना चाहता है कि उनकी कार्रवाई पाकिस्तानी घुसपैठ के जवाब में की गई आत्मरक्षात्मक प्रतिक्रिया है।
गौरतलब है कि एक दिन पहले तालिबान वायुसेना द्वारा इस्लामाबाद के करीब किए गए हमलों ने पहले ही तनाव को चरम पर पहुंचा दिया था। ऐसे में जलालाबाद में पाकिस्तानी विमान का गिरना और पायलट का पकड़ा जाना आग में घी डालने जैसा साबित हुआ है। दोनों देशों के बीच संवाद लगभग ठप पड़ चुका है और हालात पूर्ण युद्ध की आशंका को जन्म दे रहे हैं।
इस संघर्ष का सबसे बड़ा असर आम नागरिकों पर पड़ रहा है। जलालाबाद और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं, बाजारों में सन्नाटा पसरा है और अनिश्चितता की भावना गहराती जा रही है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब इस क्षेत्र पर टिकी हैं, जहां हर नई घटना दक्षिण एशिया की स्थिरता को सीधे प्रभावित कर सकती है।
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