नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान (India and Pakistan) में पेट्रोल-डीजल (Petrol-Diesel) की कीमतों को लेकर अलग-अलग रुझान देखने को मिल रहे हैं। भारत में मई के दौरान पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कई बार बढ़ोतरी हुई, जबकि पड़ोसी पाकिस्तान (Pakistan) में लगातार पांचवीं बार ईंधन के दाम घटाए गए हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर दोनों देशों में ईंधन की कीमतों का ट्रेंड इतना अलग क्यों है?
भारत की राजधानी नई दिल्ली में पेट्रोल करीब 102 रुपये प्रति लीटर और डीजल लगभग 95 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत 377.78 पाकिस्तानी रुपये और हाई स्पीड डीजल 378.78 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर है, जो भारतीय मुद्रा में करीब 129-130 रुपये बैठती है। यानी कटौती के बावजूद पाकिस्तान में ईंधन अब भी भारत से महंगा है।
युद्ध और कच्चे तेल की कीमतों का असर
पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने और ईरान से जुड़े संघर्ष के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया था। फरवरी 2026 के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था। इसका असर दुनियाभर के देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ा।
भारत में उस दौरान ईंधन कीमतों को लंबे समय तक स्थिर रखा गया, जबकि पाकिस्तान सहित कई देशों में तुरंत दाम बढ़ने लगे। जानकारों के मुताबिक, भारत में चुनावी माहौल के दौरान कीमतों में बढ़ोतरी नहीं की गई, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद मई में पेट्रोल और डीजल महंगे हुए।
पाकिस्तान में युद्ध और महंगे क्रूड का असर सीधे उपभोक्ताओं पर डाला गया। एक समय वहां पेट्रोल-डीजल की कीमतें करीब 60 प्रतिशत तक बढ़ गई थीं। हालांकि अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आने के बाद पाकिस्तान सरकार ने लगातार राहत देना शुरू किया है।
इसके बावजूद आंकड़े बताते हैं कि युद्ध शुरू होने के बाद से पाकिस्तान में पेट्रोल अब भी करीब 46.3 प्रतिशत और डीजल 38.1 प्रतिशत महंगा बना हुआ है।
भारत में सीमित असर क्यों?
भारत में तेल विपणन कंपनियों और सरकार ने अंतरराष्ट्रीय कीमतों का पूरा बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं डाला। इसी वजह से कीमतों में अपेक्षाकृत सीमित बदलाव देखने को मिला। हालांकि हाल की बढ़ोतरी के बाद आम लोगों पर महंगाई का असर जरूर बढ़ा है।
कई देशों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
वैश्विक आंकड़ों के अनुसार, म्यांमार, यूएई और फिजी जैसे देशों में ईंधन कीमतों में सबसे ज्यादा उछाल देखा गया। पेट्रोल के मामले में म्यांमार में करीब 78 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई, जबकि डीजल की कीमतों में फिजी में 110 प्रतिशत से ज्यादा उछाल बताया गया। पाकिस्तान और श्रीलंका जैसे देशों में भी ईंधन महंगाई का असर अभी तक बना हुआ है।
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