
गाजियाबाद। मुरादनगर पुलिस (Muradnagar Police) ने एक गिरोह का खुलासा किया है जो नामी कंपनी के नाम का इस्तेमाल कर नकली Liv-52 टैबलेट (Tablet) बनाकर बेच रहा था। इस कार्रवाई में गिरोह के सरगना मयंक अग्रवाल समेत पांच लोगों को गिरफ्तार (Arrest) किया गया। इनके कब्जे से लगभग 50 हजार नकली टैबलेट, डेढ़ हजार खाली डिब्बियां और रैपर बरामद हुए।
गिरोह और आरोपी
डीसीपी देहात सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी इस प्रकार हैं:
मोदीनगर निवासी मयंक अग्रवाल (सरगना)
दिल्ली के उत्तम नगर निवासी अनूप गर्ग
नंदग्राम के सुभाषनगर निवासी तुषार ठाकुर
नंदग्राम के हिंडन विहार निवासी आकाश ठाकुर
निवाड़ी निवासी नितिन त्यागी
पुलिस अब अन्य छह साथियों की तलाश में भी जुटी है। गिरफ्तारी में शामिल टीम को 20 हजार रुपये का इनाम भी दिया गया।
कैसे चल रहा था गिरोह
जांच में पता चला कि गिरोह लगभग चार महीने पहले सक्रिय हुआ था। आरोपियों ने सफेद डिब्बी और ढक्कन मेरठ में एकता प्लास्टिक उद्योग से बनवाए और रैपर प्रिंटिंग प्रेस से तैयार करवाए। लिव-52 की टैबलेट सोनीपत की सुबको लेबोरेट्रीज से बनवाई जाती थी। इसके बाद सभी सामग्री को एकत्र कर मुरादनगर निवासी जोनी और फरमान के साथ पैक किया जाता था। गिरोह में फरमान फर्जी GST बिलिंग तैयार करता था।
जिम्मेदारियां बांटी गईं थीं
मयंक: सोनीपत से टैबलेट बनवाना
तुषार: मेडिकल कॉलेज का छात्र, दवा की जानकारी, सप्लाई और कुरियर
नितिन: स्थानीय राजनीति में सक्रिय, नगर पंचायत में अध्यक्ष पद का उम्मीदवार भी रह चुका
50 हजार से अधिक गोलियां सप्लाई
जांच में यह भी पता चला कि गिरोह ने पिछले चार महीने में अलीगढ़, मथुरा, बिजनौर, आगरा, मेरठ, शामली सहित कई जिलों में 50 हजार से अधिक टैबलेट सप्लाई की। ये दवाइयां बाजार भाव से 20 फीसदी कम में मेडिकल स्टोर संचालकों को दी जाती थीं।
डीसीपी सुरेंद्र नाथ तिवारी ने कहा, “पुलिस ने नामी कंपनी के नाम का इस्तेमाल कर नकली Liv-52 टैबलेट बनाने वाले गिरोह के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। बरामद दवाइयों के सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं।”

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