नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में ईरान, अमेरिका और इजरायल (Iran, America and Israel) के बीच बढ़ते तनाव का असर अब भारत की राजनीति पर भी दिखाई देने लगा है। केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन (Pinarayi Vijayan) द्वारा ईरान के समर्थन में दिए गए बयान को लेकर भाजपा ने कड़ा विरोध जताया है।
भाजपा का आरोप है कि मुख्यमंत्री का बयान “तुष्टीकरण की राजनीति” से प्रेरित है।
राजधानी तिरुवनंतपुरम में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने मुख्यमंत्री विजयन के बयान की आलोचना की।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ईरान पर हुए हमलों की तो आलोचना कर रहे हैं, लेकिन ईरान द्वारा Gulf Cooperation Council के सदस्य देशों पर किए जा रहे हमलों पर चुप हैं।
चंद्रशेखर ने कहा कि इन खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में मलयाली लोग रहते हैं, इसलिए राज्य सरकार को उनकी सुरक्षा को भी ध्यान में रखना चाहिए।
भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री से सवाल करते हुए कहा,
“आप सिर्फ ईरान के बारे में ही क्यों बोल रहे हैं? क्या यह आपकी तुष्टीकरण की राजनीति का हिस्सा नहीं है? ईरान द्वारा किए गए हमलों की आप निंदा क्यों नहीं करते?”
इस मुद्दे पर भाजपा के रुख को लेकर पूछे गए सवाल पर चंद्रशेखर ने कहा कि भाजपा या केंद्र सरकार ईरान के खिलाफ नहीं है।
उन्होंने बताया कि नरेंद्र मोदी पहले ही कह चुके हैं कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं होता और किसी भी विवाद को कूटनीतिक तरीके से सुलझाया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत सरकार ने ही ईरानी जहाज को कोच्चि बंदरगाह पर लंगर डालने की अनुमति दी थी।
दरअसल, मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों की आलोचना की थी। उनका कहना था कि इन हमलों का कोई उचित कारण नहीं है और यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है।
उन्होंने यह भी कहा कि कुछ शक्तिशाली देश मिलकर वैश्विक शांति को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की हत्या को अमानवीय और क्रूर बताया और भारत सरकार से इस पर विरोध दर्ज कराने की मांग की थी।
मुख्यमंत्री के इसी बयान को लेकर अब केरल में सियासी विवाद तेज हो गया है।
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