
- केवल रजिस्ट्री के आधार पर प्रॉपर्टी रेट बढ़ा दिए जाते हैं
उज्जैन। कलेक्टर गाइडलाइन बढ़ाने की कवायद शुरू हो चुकी है। पंजीयन विभाग ने नई गाइडलाइन तैयार करने के लिए 1 अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच हुई रजिस्ट्रियों का डाटा एनालिसिस शुरू कर दिया है। इसी डाटा को आधार बनाकर आने वाले समय में प्रॉपर्टी की नई सरकारी दरें तय की जाएंगी।
जानकारों का कहना है कि कलेक्टर गाइडलाइन बनाना किसी एक्ट में सीधे तौर पर शामिल नहीं है। यह मूल्यांकन के सिद्धांतों के आधार पर तय की जाती है। साल 2000 के बाद कलेक्टर गाइडलाइन की दरें तेजी से बढ़ाई गई हैं और अब उसी का असर बाजार में साफ दिखाई दे रहा है। यही वजह है कि शहर में प्रॉपर्टी के दाम आसमान छूते नजर आ रहे हैं। शहर में न कोई नया मास्टर प्लान आया है, ना ही निवेश क्षेत्र बढ़े हैं। न ऐसे नए रोजगार पैदा हुए हैं, जिनसे रियल एस्टेट में मांग अचानक बढऩी चाहिए। इसके बावजूद प्रॉपर्टी के दाम लगातार ऊपर जा रहे हैं। हर बार कलेक्टर गाइडलाइन तय करते समय हायर रेट पर हुई रजिस्ट्रियों के आंकड़े सामने रख दिए जाते हैं। यह मान लिया जाता है कि पूरे शहर में प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त इसी रेट पर हो रही है। हायर रेट वाली रजिस्ट्रियों का प्रतिशत दिखाकर नए रेट तय कर दिए जाते हैं। अगर इसी आधार पर दरें तय की जा रही हैं, तो जहाँ गाइडलाइन रेट पर रजिस्ट्री हो रही है, वहाँ रेट कम करने पर भी विचार होना चाहिए। नया मास्टर प्लान न आने और टीएंडसीपी द्वारा निवेश क्षेत्र नहीं बढ़ाए जाने के कारण कॉलोनाइजर और डेवलपर्स नए वैध प्रोजेक्ट नहीं ला पा रहे हैं। मजबूरी में सीमित इलाकों में ही प्रोजेक्ट लाने पड़ते हैं। इसी सीमित क्षेत्र में जमीन के दाम सबसे ज्यादा बढ़ जाते हैं। उसका असर पूरे बाजार पर पड़ता है। हर बार की तरह इस बार भी हायर रेट को आधार कलेक्टर गाइडलाइन बढ़ाने की तैयारी है। ऐसे में सवाल है कि सिर्फ हायर रेट वाले इलाकों को देखकर कलेक्टर गाइडलाइन ज्यादा बढ़ाई गई, तो खरीदारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।
हायर रेट पर रजिस्ट्री के 3 कारण
पहला- बैंक लोन। बैंक रजिस्ट्री वैल्यू के आधार पर ही लोन देते हैं। खरीदार पूरी कीमत दिखा रहे हैं।
दूसरा- कई इलाकों में कृषि भूमि की गाइडलाइन दर कम है। उन्हीं जगहों पर प्लॉट और रिहायशी प्रॉपर्टी महंगी है।
तीसरा- कमर्शियल गतिविधियों का तेजी से बढऩा। डेढ़ साल में उज्जैन की करीब 10 से 15 प्रतिशत लोकेशन कमर्शियल गतिविधियों से जुड़ चुकी हैं।