
उज्जैन। परिवहन मंत्रालय द्वारा मध्यप्रदेश सहित देश के अधिकांश राज्यों में वाहन ट्रांसफर की प्रक्रिया को आसान और तेज बनाने के लिए शुरू किया गया फेसलेस ऑटो अप्रूवल सिस्टम पहले ही महीने में सवालों के घेरे में आ गया है। व्यवस्था लागू होने के करीब एक माह में प्रदेश में करीब 8 हजार और उज्जैन इंदौर में करीब ढ़ाई हजार वाहनों का ट्रांसफर बिना परिवहन अधिकारी की दस्तावेज जांच के हो चुका है।
जाँच में सामने आ रही ये गड़बडिय़ाँ
ऑटो अप्रूवल से ट्रांसफर हुए वाहनों की अब विभागीय स्तर पर जांच की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक जांच में बड़ी संख्या में ऐसे मामले मिल रहे हैं, जिनमें जरूरी दस्तावेज अपलोड नहीं किए गए हैं। सबसे गंभीर स्थिति फॉर्म 29 और 30 को लेकर सामने आई है। वाहन की खरीदी-बिक्री के लिए विक्रेता और खरीदार के बीच इन फॉर्म का होना जरूरी है, लेकिन कई मामलों में इनके स्थान पर खाली कागज अपलोड कर दिए गए। सिस्टम ने दस्तावेज की सामग्री की जांच किए बिना आवेदन को ऑटो अप्रूव कर दिया। इसी तरह कुछ मामलों में वाहन पर टैक्स और पेनल्टी बकाया होने के बावजूद ट्रांसफर हो गया। अधिकारियों के मुताबिक ऐसे मामलों में पहले मैन्युअल जांच के दौरान बकाया राशि की वसूली की जाती थी। कुछ ऐसे वाहन भी सामने आए हैं, जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज थी, लेकिन इसके बावजूद उनका ट्रांसफर ऑटो अप्रूवल के जरिए हो गया।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved