
श्रीनगर। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने लाल किला बम धमाके (Red Fort Blast Case) की जांच को तेज करते हुए सोमवार को जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के कई जिलों में एक साथ छापेमारी (Raid) की। इस दौरान नौ स्थानों पर तलाशी लेकर कई डिजिटल उपकरण जब्त किए गए, जिन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
इन जिलों में हुई कार्रवाई
एनआईए के अनुसार, श्रीनगर, बारामुला, जम्मू, कुलगाम, गांदरबल और कुपवाड़ा जिलों में संदिग्ध ठिकानों को खंगाला गया। एजेंसी की टीमों ने स्थानीय पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के साथ मिलकर यह कार्रवाई की।
घरों में तलाशी, इलाके को किया गया सील
सूत्रों के मुताबिक, कुपवाड़ा के हंदवाड़ा क्षेत्र के गुलूरा में एक कारोबारी के घर और कुलगाम के शुरट गांव में मोहम्मद शफी के ठिकाने पर तलाशी ली गई। इस दौरान सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया और घरों में मौजूद दस्तावेज, मोबाइल फोन, लैपटॉप समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की।
डिजिटल डेटा खंगालने पर फोकस
जांच एजेंसियां जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों के डेटा को खंगाल रही हैं, ताकि इस हमले से जुड़े किसी भी नेटवर्क, संपर्क या साजिश के सुराग मिल सकें। फिलहाल संदिग्ध कारोबारी की पहचान और उसकी भूमिका को लेकर आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।
11 आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी मारा गया
एनआईए प्रवक्ता के अनुसार, इस मामले में अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, मुख्य आरोपी डॉ. उमर उन नबी इस धमाके में ही मारा गया था। जांच में सामने आया है कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर हमले की साजिश रची थी।
जांच में जुटी एजेंसी
एनआईए फिलहाल इस हमले के पीछे मौजूद पूरे नेटवर्क और संभावित साजिश का खुलासा करने में जुटी हुई है। एजेंसी का मानना है कि आगे की जांच में और भी अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।
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