
जयपुर । कांग्रेस नेता अशोक गहलोत (Congress leader Ashok Gehlot) ने कहा कि रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी से (From Rehan Vadra’s Exhibition) 70 से ज्यादा तस्वीरें हटाई जाना निंदनीय (Removal of over 70 Photographs is Condemnable) ।
दिल्ली के बीकानेर हाउस में लगी कलाकार रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी से 70 से ज्यादा तस्वीरें हटाए जाने की राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कड़ी निंदा करते हुए इसे सेंसरशिप बताया और भाजपा पर सवाल उठाए हैं। अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि बीकानेर हाउस राजस्थान सरकार की संपत्ति है और वहां से तस्वीरें हटाना एक युवा कलाकार की अभिव्यक्ति को दबाने जैसा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब भाजपा की देखरेख में हुआ है। अशोक गहलोत ने दावा किया कि प्रदर्शनी में लगी कई तस्वीरें दिल्ली में हुए युवा आंदोलनों से जुड़ी थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को डर है कि लोग इन आंदोलनों की सच्चाई जान जाएंगे, इसलिए वह इसे छिपाने की कोशिश कर रही है।
अशोक गहलोत ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “रेहान वाड्रा से तिरंगे वाली दो तस्वीरें हटाने को कहा गया, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से साफ मना कर दिया। उनकी यह दृढ़ता सराहनीय है। उन्होंने दिखा दिया है कि तिरंगे के सम्मान से कोई समझौता नहीं हो सकता।” उन्होंने इस पूरी घटना को लोकतंत्र पर हमला बताया। गहलोत ने कहा, “कलाकारों की आवाज को दबाना लोकतंत्र पर हमला है। यह सेंसरशिप का स्पष्ट मामला है। भाजपा को बताना चाहिए कि सच्चाई दिखाने वाली तस्वीरों को क्यों हटाया गया।”
बता दें कि रेहान वाड्रा कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि राजस्थान सरकार द्वारा संचालित बीकानेर हाउस के प्रबंधन ने उनकी प्रदर्शनी ‘नो आइडिया इज फाइनल’ शुरू होने से कुछ घंटे पहले ही ज्यादातर तस्वीरें हटाने को कहा। यह प्रदर्शनी बुधवार शाम को शुरू होनी थी और इसमें राजधानी दिल्ली में हुए हालिया प्रदर्शनों की तस्वीरें थीं।
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