नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (special sale) ने लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हैंडलर साबिर अहमद लोन (Sabir Ahmed Lone) उर्फ राजा उर्फ आदिल डॉक्टर को लेकर बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने दिल्ली, गुरुग्राम और जम्मू-कश्मीर में 8 से 10 स्लीपर सेल तैयार कर लिए थे और आतंकी वारदातों को अंजाम देने की योजना बना रहा था।
स्पेशल सेल के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक आरोपी बांग्लादेश जाने से पहले करीब एक से डेढ़ वर्ष तक दिल्ली और गुरुग्राम में रहा। इस दौरान उसने चार से पांच स्लीपर सेल बनाए, जिनमें कई बांग्लादेशी नागरिक शामिल थे। वह पैसे का लालच देकर उनसे काम कराने की कोशिश करता था। वहीं जम्मू-कश्मीर में भी उसने चार-पांच युवकों को अपने साथ जोड़ा, जिन्हें कथित तौर पर पैसे देकर पत्थरबाजी के लिए उकसाया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने युवाओं को ‘जिहाद’ के नाम पर बरगलाया। फरवरी में सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन के पास देश विरोधी पोस्टर लगाए जाने के बाद स्पेशल सेल की टीम—इंस्पेक्टर सुनील राजैन और धीरज महलावत—ने कार्रवाई करते हुए सात बांग्लादेशियों समेत आठ संदिग्ध स्लीपर सेल को गिरफ्तार किया था।
इसके बाद आरोपी को आशंका हुई कि उसके नेटवर्क पर असर पड़ा है, इसलिए वह फिर से भारत आकर स्लीपर सेल को सक्रिय करने की कोशिश कर रहा था। पुलिस के अनुसार समय रहते गिरफ्तारी नहीं होती तो वह अपनी साजिश को अंजाम दे सकता था।
फोन बदलकर करता था संपर्क
पुलिस ने बताया कि साबिर बांग्लादेश में इस्तेमाल किया गया मोबाइल वहीं छोड़ देता था और भारत में नया फोन व सिम लेता था। वह सोशल मीडिया पर अलग-अलग आईडी सक्रिय करता और कुछ समय बाद फोन बदल देता था, ताकि ट्रैकिंग से बच सके।
आईएसआई से संपर्क का दावा
पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि वह पाकिस्तान स्थित हैंडलरों के संपर्क में था और उसे आईएसआई से जुड़े अधिकारियों से निर्देश मिलते थे। फिलहाल स्पेशल सेल उसे आगे की जांच के लिए जम्मू-कश्मीर लेकर गई है।
गुरुग्राम में कराया इलाज
जांच में यह भी सामने आया कि गुरुग्राम में रहने के दौरान आरोपी ने हेयर ट्रांसप्लांट कराया, दांतों का इलाज करवाया और रीढ़ से जुड़ी समस्या का भी उपचार कराया था। पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी है।
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