
मुंबई। महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना में मौत का मामला अब सियासी तूफान बन गया है। एनसीपी-एसपी के विधायक रोहित पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू को पद से हटाने और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है। रोहित पवार ने कहा कि यह हादसा साधारण दुर्घटना नहीं हो सकता और इसकी गहराई से जांच जरूरी है। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह को भी पत्र की प्रति भेजी है।
रोहित पवार ने नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि 28 जनवरी की सुबह बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान हुए विमान हादसे के पीछे साजिश हो सकती है। इस हादसे में अजित पवार और चार अन्य लोगों की मौत हो गई थी। उन्होंने कहा कि यह पता लगाना जरूरी है कि मामला राजनीतिक साजिश है या व्यावसायिक साजिश। उनके अनुसार, जिस एयर चार्टर कंपनी वीएसआर का विमान था, उसके खिलाफ कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
रोहित पवार ने आरोप लगाया कि वीएसआर कंपनी और कुछ प्रभावशाली लोगों के बीच संबंधों की जांच होनी चाहिए। उन्होंने पत्र में लिखा कि कंपनी और नागरिक उड्डयन मंत्री की पार्टी के बीच संभावित लिंक की स्वतंत्र एजेंसी से जांच हो। उनका कहना है कि उद्योग और राजनीति के कुछ ताकतवर लोग इस कंपनी के पीछे हैं, जिससे जांच पारदर्शी नहीं हो पा रही है। उन्होंने डीजीसीए की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच की मांग की।
रोहित पवार ने हादसे के ब्लैक बॉक्स को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के समय एक नहीं, कई धमाके हुए थे। उनके मुताबिक, विमान में सामान रखने वाले हिस्से में अतिरिक्त पेट्रोल के कैन रखे गए थे, जिससे आग भड़की। उन्होंने कहा कि इन सभी पहलुओं की तकनीकी और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की मदद से जांच होनी चाहिए।
पत्र में रोहित पवार ने प्रधानमंत्री से अपील की कि अगर निष्पक्ष जांच करनी है तो पहले नागरिक उड्डयन मंत्री से इस्तीफा लिया जाए। उन्होंने कहा कि अजित पवार ने देश और महाराष्ट्र के लिए योगदान दिया है और उन्हें न्याय मिलना चाहिए। उनका दावा है कि जब तक शक्तिशाली लोगों की भूमिका की जांच नहीं होगी, तब तक सच्चाई सामने नहीं आएगी।
इस हादसे को लेकर एनसीपी, शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस पहले ही सवाल उठा चुके हैं और ‘फाउल प्ले’ की आशंका जता चुके हैं। अब रोहित पवार के सीधे प्रधानमंत्री से दखल की मांग करने से मामला और गरमा गया है। आने वाले दिनों में इस पर केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों की प्रतिक्रिया अहम होगी। फिलहाल यह मामला सियासत और जांच दोनों के केंद्र में है।
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