
मुंबई। पूंजी बाजार नियामक सेबी ने बॉम्बे डाइंग, सनस्टार रियल्टी और रेलिगेयर फिनवेस्ट के मामले में 82 कंपनियों और इनसे जुड़े लोगों पर 22.64 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। मंगलवार को सेबी ने बताया कि रेलिगेयर में पैसों के हेराफेरी के मामले में फोर्टिस हेल्थकेयर सहित अन्य लोगों पर दो लाख से एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया गया। यह रकम 45 दिनों के अंदर भुगतान करनी होगी।
बाजार नियामक के आदेश के अनुसार, रेलिगेयर एंटरप्राइजेज (REL) के फंड को उसकी सहायक कंपनी रेलिगेयर फिनवेस्ट (RFL) के माध्यम से पहले के प्रवर्तकों के फायदे के लिए ट्रांसफर किया गया था। साथ ही इसके प्रवर्तक मलविंदर और शिविंदर मोहन सिंह ने आरएफएल से लिए गए कर्ज के पुनर्भुगतान के भी धन का दुरुपयोग किया।
390 पेज के आदेश में कहा गया है कि धोखाधड़ी की पूरी योजना के तहत रेलिगेयर के 2,473.66 करोड़ रुपये ट्रांसफर किया गया। इसमें से आरएफएल के 487.92 करोड़ का गलत इस्तेमाल किया गया। आरएफएल में आरईएल की 85.64 फीसदी हिस्सेदारी है।
बॉम्बे डाइंग के मामले में 59 लाख का दंड
बॉम्बे डाइंग के मामले में 9 लोगों पर कुल 59 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है। ये सभी लोग कंपनी की ऑडिट कमिटी के सदस्य और सीएफओ थे। इन लोगों ने वित्त वर्ष 2012 से 2019 के बीच वित्तीय विवरण की योजनाओं का गलत तरीके से प्रस्तुतिकरण किया। इसमें राजस्व और फायदे में गलत आंकड़े दिखाए गए।
इससे पहले अक्तूबर में सेबी ने 10 लोगों और कंपनियों पर शेयर बाजार में कारोबार पर प्रतिबंध लगाया था। इसमें ब़ॉम्बे डाइंग इसके प्रवर्तक नुस्ली वाड़िया, नेस वाड़िया और जेह वाड़िया भी शामिल थे। इन पर 15.75 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था।
सनस्टार रियल्टी में 21 लोगों पर जुर्माना
सनस्टार रियल्टी में कुल 21 लोगों पर 1.05 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। ये लोग कंपनी के शेयरों में जुगाड़ कर उसकी कीमत घटाते और बढ़ाते थे। सभी पर 5-5 लाख रुपये का जुर्माना लगा है। सेबी ने जून, 2015 से मार्च, 2016 के बीच इसकी जांच की थी।
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