
नई दिल्ली ।अभिनेता संजय दत्त (Sanjay Dutt) ने वर्ष 1993 में मुंबई (Mumbai) में हुए सीरियल ब्लास्ट (Serial Blasts) के दौरान अपने घर में अवैध हथियार (Illegal Weapons) रखने के मामले को याद करते हुए इसे अपनी गलती बताया है। इस घटना के कारण उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ा था और जेल भी जाना पड़ा था। हाल ही में शेखर सुमन (Shekhar Suman) के शो ‘शेखर टुनाइट’ (Shekhar Tonight) में बातचीत के दौरान संजय दत्त ने उस फैसले पर अफसोस (Regret) जताया। उन्होंने स्वीकार (Admitted) किया कि उस समय उन्हें अपने मन की आवाज सुननी चाहिए थी और ऐसा कदम उठाने से बचना चाहिए था।
संजय दत्त ने बातचीत में कहा कि उस समय उनके मन में हथियार रखने को लेकर संदेह था, लेकिन उन्होंने अपनी अंतरात्मा की बात मानने के बजाय दिमाग से फैसला लिया। उनके मुताबिक, जब उन्होंने पूरे मामले को देखा, तो भीतर से उन्हें लग रहा था कि ऐसा नहीं करना चाहिए। इसके बावजूद उन्होंने सोचा कि हथियारों को एक सप्ताह तक रखने में क्या नुकसान हो सकता है। अभिनेता ने माना कि उनका यह फैसला गलत था और उन्हें उस समय ही इससे पीछे हट जाना चाहिए था।
अभिनेता ने यह भी बताया कि उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि उनके फैसले के इतने गंभीर परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को उस देश के कानूनों की जानकारी होनी चाहिए, जहां वह रहता है। उनके मुताबिक, अगर कोई फैसला भीतर से गलत महसूस हो रहा हो, तो उस चेतावनी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। संजय दत्त ने इस घटना का जिक्र करते हुए अपने पुराने फैसले पर पछतावा जाहिर किया और माना कि उस समय सही निर्णय लेना जरूरी था।
इस मामले का असर उनके परिवार पर भी पड़ा था। संजय दत्त ने अपने पिता और अभिनेता सुनील दत्त से जुड़ा एक भावुक पल भी साझा किया। उन्होंने बताया कि जब पुलिस उन्हें हथकड़ी पहना रही थी, तब उनके पिता रोने लगे थे। अपने बेटे को इस स्थिति में देखकर सुनील दत्त भावुक हो गए थे। संजय दत्त के लिए भी वह पल बेहद कठिन था, लेकिन उस समय उन्होंने अपने पिता को संभालने की कोशिश की।
संजय दत्त ने बताया कि उन्होंने अपने पिता को समझाया था कि यह केवल एक प्रक्रिया है और उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। हालांकि, पिता को इस तरह टूटते देखकर वह खुद भी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके। उन्होंने कहा कि उस परिस्थिति में उन्हें बाहर से मजबूत बने रहना पड़ा, ताकि उनके पिता को हिम्मत मिल सके। इस घटना की याद साझा करते हुए अभिनेता ने उस दौर में अपने परिवार को हुई परेशानी का भी जिक्र किया।
संजय दत्त के जीवन में यह मामला लंबे समय तक चर्चा का विषय रहा। हथियार रखने के मामले में उन्हें सजा काटनी पड़ी थी। अब अपने पुराने फैसले को याद करते हुए उन्होंने स्पष्ट रूप से इसे अपनी गलती माना है। उनके बयान में उस समय की सोच, फैसले के परिणाम और कानून के प्रति जागरूक रहने की जरूरत का उल्लेख रहा।
फिल्मों की बात करें तो संजय दत्त ‘धुरंधर’ में चौधरी असलम की भूमिका निभा चुके हैं। इस किरदार को दर्शकों से अच्छा प्रतिसाद मिला था। आने वाले समय में वह ‘खलनायक रिटर्न्स’ और अजय देवगन की फिल्म ‘रेंजर’ में नजर आएंगे। अभिनेता के आगामी प्रोजेक्ट्स को लेकर भी चर्चा है।
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