
जबलपुर। जिले की मझौली जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम दुहतरा में वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। यहां के सरपंच अरविंद पटेल और सचिव अजीत रजक पर फर्जी बिलों के माध्यम से विकास कार्यों की राशि हड़पने के गंभीर आरोप लगे हैं। शिकायत के अनुसार, पांचवें वित्त आयोग की लगभग 3.50 लाख रुपए की राशि का दुरुपयोग किया गया है। आरोप है कि यह रकम फर्जी बिल लगाकर निकाली गई और कागजों में विकास कार्य दर्शा दिए गए।
जांच के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
बताया जा रहा है कि करीब 3-4 महीने पहले जनपद पंचायत की टीम ने मामले की जांच भी की थी, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि सरपंच और सचिव ने अपने करीबी शारदा पटेल और विजय पटेल के नाम पर फर्जी बिल लगाकर भुगतान निकाला। वर्ष 2023 से 2025 के बीच लगातार इन बिलों के आधार पर राशि निकाले जाने की बात सामने आई है, जो पंचायत दर्पण ऐप पर भी दर्ज है।
कई बार शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने 11 नवंबर 2025 को जनसुनवाई में इस मामले की शिकायत की थी।
इसके बाद कई बार कलेक्टर को आवेदन दिए गए, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला, कार्रवाई नहीं हुई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार्रवाई नहीं होने से सरपंच और सचिव के हौसले बुलंद हैं और वे लगातार फर्जी बिलों के जरिए सरकारी राशि का दुरुपयोग कर रहे हैं। अब ग्रामीण इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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