
नई दिल्ली. कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ राजनयिक शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने वैश्विक राजनीति (Global politics) की मौजूदा स्थिति पर तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून (International law) और संयुक्त राष्ट्र चार्टर को बीते कुछ वर्षों से लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है और आज दुनिया में ‘ताकत ही सही’ का सिद्धांत हावी होता जा रहा है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए एक पोस्ट में शशि थरूर ने लिखा कि अंतरराष्ट्रीय कानून और यूएन चार्टर को अब केवल कागजों तक सीमित कर दिया गया है। उनके मुताबिक, मौजूदा वैश्विक व्यवस्था में कानून के बजाय ताकत का बोलबाला दिखाई देता है। थरूर ने इशारों-इशारों में कहा कि आज की दुनिया में ‘जंगल का कानून’ चल रहा है, जहां शक्तिशाली देश अपने हितों के लिए नियमों को तोड़ने से नहीं हिचकते। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के लिए खतरनाक संकेत बताया। थरूर ने यह टिप्पणी लेखक कपिल कोमिरेड्डी की पोस्ट के जवाब में की, जिसमें अमेरिका की कार्रवाई को लेकर दोहरे मानदंडों की बात कही गई थी।
दरअसल, शनिवार को अमेरिका ने बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई करते हुए वेनेजुएला पर बमबारी की और लंबे समय से सत्ता में रहे वामपंथी नेता निकोलस मादुरो को सत्ता से हटा दिया। इसके बाद मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को न्यूयॉर्क ले जाया गया, जहां उन पर ड्रग्स और हथियारों से जुड़े मामलों में मुकदमे चलाए जाने हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, निकोलस मादुरो पर अमेरिका ने 50 मिलियन डॉलर का इनाम घोषित कर रखा था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर मादुरो की हथकड़ी और आंखों पर पट्टी वाली तस्वीर साझा करते हुए दावा किया कि उन्होंने इस पूरे ऑपरेशन को फ्लोरिडा स्थित अपने मार-ए-लागो एस्टेट में टीवी शो की तरह लाइव देखा।
वहीं, वेनेजुएला की विपक्षी नेता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया कोरिना मचाडो ने इसे देश के लिए आजादी का क्षण बताया। उन्होंने 2024 के चुनाव में विपक्ष के उम्मीदवार को तुरंत राष्ट्रपति पद संभालने की मांग की। हालांकि, ट्रंप ने मचाडो को लेकर कहा कि उन्हें वेनेजुएला में पर्याप्त समर्थन और सम्मान हासिल नहीं है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved