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‘भाजपा के लिए जी का जंजाल बन चुका है SIR, ममता ही आखिरी उम्मीद’, सागरिका घोष का दावा

March 22, 2026

कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ कोई असंतोष नहीं है। भाजपा ने मतदाता सूची सुधार के नाम पर जो कवायद शुरू की थी, वह अब उसके लिए ‘जी का जंजाल’ बन गई है। उन्होंने कहा कि एसआईआर ने टीएमसी को बढ़त दिला दी है।

सागरिका घोष ने कहा कि भाजपा का मुख्य एजेंडा SIR प्रक्रिया के जरिए ममता बनर्जी को हराना और बंगाल पर कब्जा करना था। लेकिन अब यह पासा पूरी तरह पलट चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में जिस तरह से अमर्त्य सेन जैसी विभूतियों और आम नागरिकों की नागरिकता पर सवाल उठाए गए, उसने राज्य में एक ‘एंटी-बीजेपी वेव’ पैदा कर दी है। सागरिका ने कहा, “कहां हैं वो घुसपैठिए जिनके बारे में भाजपा इतना शोर मचा रही थी?”


  • बंगाल की राजनीति में इस बार एंटी-इनकंबेंसी की चर्चा है। स्थानीय स्तर पर लोगों का कहना है कि इस बार बंगाल फतह करना ममता बनर्जी के लिए आसान नहीं होने वाला है। हालांकि, इस पर सफाई देते हुए सागरिका घोष ने कहा कि अगर कहीं कोई नाराजगी थी भी, तो वह स्थानीय नेताओं के खिलाफ थी। ममता बनर्जी ने 291 उम्मीदवारों की सूची में अपने 74 मौजूदा विधायकों के टिकट काटकर उस नाराजगी को खत्म कर दिया है। उन्होंने कहा कि लोग आज भी केवल ममता बनर्जी पर भरोसा करते हैं। ममता बनर्जी 24 घंटे जनता के बीच रहने वाली नेता हैं।

    सागरिका घोष ने आगे कहा कि महिला सुरक्षा को लेकर ममता बनर्जी का सख्त रूख है। इस लिए ही उन्होंने खुद विधानसभा में ‘अपराजिता बिल’ पास कराया, जिससे अपराधियों को सख्त सजा मिल सके। लेकिन केंद्र सरकार ने इसे रोक कर रखा है। उन्होंने यूपी और दिल्ली जैसे ‘डबल इंजन’ वाले राज्यों पर तंज कसते हुए कहा कि बंगाल में महिलाओं को न्याय मिलने की संभावना कहीं अधिक है।

    इतना ही नहीं, टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने भाजपा पर झूठ की फैक्ट्री चलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मुख्यधारा के मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए बंगाल के खिलाफ एक सुनियोजित दुष्प्रचार चलाया जा रहा है। दिल्ली और अन्य राज्यों में बंगाली भाषियों को जिस तरह से निशाना बनाया जाता है।

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