
नई दिल्ली । चीन (China) के शेडोंग प्रांत में एक भावुक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक परिवार ने अपने बेटे (Son) की मौत को उसकी बुजुर्ग मां (Elderly Mother) से छिपाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल किया। जानकारी के मुताबिक, पिछले साल एक सड़क हादसे में परिवार के इकलौते बेटे की मौत हो गई थी। उसकी मां की उम्र 80 वर्ष से अधिक है और वह गंभीर दिल की बीमारी से जूझ रही हैं। परिवार को आशंका थी कि बेटे की मौत की खबर सुनने से उनकी सेहत पर गंभीर असर पड़ सकता है।
फोटो, वीडियो और आवाज से तैयार हुआ डिजिटल ‘बेटा’
परिवार ने AI विशेषज्ञ झांग जेवेई की मदद ली, जो जियांगसू प्रांत में रहते हैं। उन्होंने बेटे की पुरानी तस्वीरें, वीडियो, ऑडियो रिकॉर्डिंग और स्थानीय बोली के सैंपल उपलब्ध कराए। इन डेटा की मदद से एक ऐसा AI अवतार तैयार किया गया, जो दिखने, बोलने और व्यवहार में बिल्कुल असली बेटे जैसा लगता है। बताया गया है कि यह डिजिटल अवतार बेटे की तरह ही झुककर बात करता है और उसकी बातचीत की शैली को भी हूबहू दोहराता है।
हर दिन ‘बेटे’ से होती है मां की बात
अब यह AI अवतार रोज वीडियो कॉल के जरिए मां से बातचीत करता है। बुजुर्ग मां को लगता है कि उनका बेटा किसी दूसरे शहर में काम कर रहा है। मां अक्सर बेटे से उसका हालचाल पूछती हैं और उसे घर आने के लिए कहती हैं। जवाब में AI ‘बेटा’ कहता है कि वह काम में व्यस्त है और जल्द ही घर लौटकर जिम्मेदारियां निभाएगा। साथ ही वह मां को अपना ध्यान रखने की सलाह भी देता है।
भावनात्मक राहत या नैतिक सवाल?
यह मामला जहां एक तरफ तकनीक की उन्नति और मानवीय संवेदनाओं को दर्शाता है, वहीं दूसरी ओर कई नैतिक सवाल भी खड़े करता है। क्या किसी अपने की मौत की सच्चाई छिपाकर AI के जरिए संवाद बनाए रखना सही है? परिवार का कहना है कि उनका उद्देश्य सिर्फ मां की भावनात्मक और शारीरिक सेहत को बनाए रखना है, लेकिन भविष्य में जब सच्चाई सामने आएगी तो इसके परिणाम क्या होंगे—यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है।
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