img-fluid

बदलते मौसम में गले की खराश को ऐसे करें दूर, अपनाएं ये घरेलू उपचार

February 10, 2026

नई दिल्‍ली । मौसम बदलते (Chang Weather) में सर्दी-खासी की समस्या आम है। ऐसे में गले में खराश (sore throat) होने पर दर्द, खुजली या जलन (pain, itching or burning) होती है। वैसे तो ये एक आम समस्या है लेकिन इसके होने की कई वजह हो सकती हैं। ज्यादातर मामलों में गले की खराश अपने आप ठीक हो जाती है। हालांकि, इससे निपटने के लिए कुछ लोग दवाई भी खाते हैं। गले में खराश को रोकने के लिए सबसे अच्छा और सरल तरीका ये है कि श्वसन संक्रमण से पीड़ित लोगों से दूर रहें। आप गले की खराश को शांत करने के लिए कुछ घरेलू उपचार (Home remedies) भी आजमा सकते हैं।

क्यों होती है गले में खराश
गले में खराश वायरस या बैक्टीरिया के कारण हो सकती है। इसके अलावा, प्रदूषण, स्मोकिंग और मौसमी या किसी खाने की एलर्जी भी गले में खराश का कारण बन सकती है। गले में दर्द आमतौर पर सर्दी या बहती नाक के साथ होती है लेकिन कभी-कभी, यह श्वसन पथ के संक्रमण जैसी कुछ समस्याओं का संकेत भी हो सकती है। इससे फटाफट निपटने के लिए कुछ घरेलू तरीकों को अपनाएं।


  • गले में खराश से फटाफट कैसे निपटें
    गले की खराश से निपटने के लिए काढ़ा सबसे बेस्ट है। इसे बनाने के लिए पानी गर्म करें और फिर इसमें एक दाल चीनी का टुकड़ा डालें और फिर इसमें तुलसी के कुछ पत्ते डालें फिर अदरक को कद्दूकस करके पानी में डालें। अब इसे अच्छे से उबलने दें और जब पानी आधा हो जाए तब इसे छान लें और फिर घूंट-घूंट करके पीएं।

    इन बातों का रखें ख्याल
    – कंजेशन से राहत पाने के लिए आप भाप लेने की कोशिश करें।
    – खुद को हाइड्रेटेड रखें। ज्यादा से ज्यादा लिक्विड चीजों को खाएं। ऐसा करने पर आपका गला गीला रहेगा जिससे खाना निगलने में आसानी होगी।
    – खाने में गर्म सूप और सॉफ्ट सब्जियां खाएं क्योंकि इसे निगलने में आसानी होती है।
    – गले को आराम देने और जलन को कम करने के लिए गर्म पानी, गुनगुना नींबू पानी या हर्बल चाय जैसी लिक्विड चीजें पिएं।

    डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीकों व दावों को केवल सुझाव के रूप में लें। इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट और सुझाव पर अमल करने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट से सलाह लें।

    Share:

  • बुझो तो जाने — आज की पहेली

    Tue Feb 10 , 2026
    10 फरवरी 2026 1. तीन रंगों का सुंदर पक्षी, नील गगन में भरे उड़ान, सब की आंखों का है तारा, सब करते इसका सम्मान। उत्तर. …(तिरंगा) राष्ट्रीय ध्वज  2. वृक्ष परे रहूं मगर पक्षी नहीं, तीन आंखें हैं मेरी पर शंकर नहीं, छाल के वस्त्र पहनूं पर योगी नहीं, जल से हूं परिपूर्ण मगर मटका […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved