वॉशिंगटन। ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर अमेरिका और स्पेन (America and Spain) के बीच तनाव गहरा गया है। स्पेन सरकार ने अमेरिकी सेना को अपने सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल की अनुमति देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
ट्रंप ने स्पेन पर पूर्ण व्यापार प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी है और दक्षिणी स्पेन स्थित सैन्य अड्डों से अपने 15 लड़ाकू और ईंधन टैंकर विमानों को वापस बुला लिया है।
स्पेन के समाजवादी नेतृत्व ने ईरान से जुड़े संभावित अमेरिकी सैन्य मिशन के लिए अपने ठिकानों के उपयोग की अनुमति नहीं दी।
इसके बाद अमेरिका ने रोटा और मोरन स्थित ठिकानों से अपने 15 विमानों (जिनमें एयर-टैंकर शामिल) को हटा लिया।
यह घटनाक्रम नाटो सहयोगियों के बीच असहमति का संकेत माना जा रहा है।
जर्मन चांसलर के साथ बैठक के दौरान ट्रंप ने कहा कि स्पेन का रवैया “बहुत खराब” रहा है।
उन्होंने अमेरिकी ट्रेजरी सचिव को स्पेन के साथ व्यापार और लेन-देन की समीक्षा का निर्देश दिया।
स्पेन द्वारा नाटो देशों के लिए प्रस्तावित जीडीपी के 5% रक्षा खर्च लक्ष्य का समर्थन न करने पर भी नाराजगी जताई।
ट्रंप ने दावा किया कि उन्हें स्पेन के साथ व्यापार रोकने का अधिकार है।
हालांकि, इससे पहले अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट उनके व्यापक वैश्विक टैरिफ प्रस्तावों को अवैध ठहरा चुका है, जिससे कानूनी बहस और तेज हो सकती है।
जर्मन चांसलर ने स्पष्ट किया कि अमेरिका यूरोपीय संघ के किसी एक सदस्य देश को अलग-थलग नहीं कर सकता।
उनके मुताबिक, टैरिफ या व्यापार वार्ता यूरोपीय संघ के रूप में सामूहिक रूप से होगी, न कि किसी एक देश को निशाना बनाकर।
हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यूरोप के भीतर स्पेन पर रक्षा खर्च 3%–3.5% तक बढ़ाने का दबाव है, लेकिन इसका व्यापार विवाद से सीधा संबंध नहीं है।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार:
किसी देश पर पूर्ण व्यापार प्रतिबंध लगाने के लिए अमेरिकी प्रशासन को उसे “असाधारण राष्ट्रीय सुरक्षा खतरा” घोषित करना होगा।
इसके लिए राष्ट्रीय आपातकाल लागू करना पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि केवल सैन्य ठिकाने न देने के आधार पर ऐसा कदम न्यायिक जांच में टिक पाना मुश्किल होगा।
अमेरिकी प्रशासन ने कहा है कि ट्रेजरी और वाणिज्य विभाग विकल्पों की समीक्षा कर रहे हैं।
स्पेन सरकार ने कहा कि अमेरिका को अंतरराष्ट्रीय कानून और द्विपक्षीय व्यापार समझौतों का सम्मान करना चाहिए।
प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ पहले भी ट्रंप प्रशासन की नाराजगी झेल चुके हैं, जब उन्होंने इजरायल को हथियार ले जाने वाले जहाजों को स्पेन में रुकने की अनुमति नहीं दी थी।
2025 में अमेरिका-স্পेन व्यापार में अमेरिका 4.8 अरब डॉलर के अधिशेष में रहा।
अमेरिका ने 26.1 अरब डॉलर का निर्यात किया, जबकि 21.3 अरब डॉलर का आयात किया।
स्पेन जैतून तेल का दुनिया का शीर्ष निर्यातक है और अमेरिका को ऑटो पार्ट्स, स्टील और रसायन निर्यात करता है।
अमेरिका स्पेन को कच्चा तेल और LNG की बड़ी मात्रा सप्लाई करता है।
यह विवाद केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं है, बल्कि नाटो सहयोग, रक्षा बजट और ट्रांस-अटलांटिक व्यापार संबंधों पर भी असर डाल सकता है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या यह टकराव कूटनीतिक बातचीत से सुलझता है या आर्थिक प्रतिबंधों तक पहुंचता है।
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