
जबलपुर। शहर में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के लिए आयोजित चलो आदर्श बनें कार्यशाला अव्यवस्थाओं के कारण सवालों के घेरे में आ गई। राइट टाउन स्थित मानस भवन में सोमवार को आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में पहुंचे शिक्षकों को बैठने तक की व्यवस्था नहीं मिल सकी। हालात ऐसे बने कि कई शिक्षक भवन के बाहर सड़क पर खड़े होकर कार्यक्रम सुनने को मजबूर हुए।
जानकारी के अनुसार, जिला शिक्षा विभाग द्वारा जिलेभर के शिक्षकों को एक साथ व्हाट्सएप संदेश भेजकर कार्यक्रम में अनिवार्य उपस्थिति के निर्देश दिए गए थे। इसके चलते बड़ी संख्या में शिक्षक एक ही समय पर मानस भवन पहुंच गए। भवन खचाखच भर गया और हजारों शिक्षक बाहर ही रह गए, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
उद्देश्य अच्छा, लेकिन तैयारी कमजोर
यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल और स्वामीनारायण मंदिर संस्थान के सहयोग से आयोजित किया गया था। इसका उद्देश्य शिक्षकों को नैतिक मूल्यों और आदर्श शिक्षा के प्रति प्रेरित करना था, लेकिन खराब व्यवस्थाओं ने इस उद्देश्य को पीछे छोड़ दिया।
ट्रैफिक जाम से लोग परेशान
कार्यक्रम स्थल के बाहर अत्यधिक भीड़ के कारण राइट टाउन क्षेत्र में यातायात व्यवस्था भी चरमरा गई। घंटों तक जाम की स्थिति बनी रही। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने भी व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई और कहा कि शिक्षकों को अलग-अलग समय पर बुलाया जाना चाहिए था।
दो सत्रों की योजना भी नहीं आई काम
कार्यक्रम को दो सत्रों सुबह 9 से 12 बजे और दोपहर 2 से 5 बजे—में आयोजित किया जाना था, लेकिन समय-सारणी का सही पालन नहीं हो सका। बड़ी संख्या में शिक्षक पहले ही सत्र में पहुंच गए, जिससे स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।
शिक्षकों ने उठाए सवाल
अव्यवस्था से नाराज शिक्षकों का कहना है कि जब उन्हें आदर्श बनने का संदेश दिया जा रहा है, तो विभाग को भी अपनी व्यवस्थाओं में आदर्श प्रस्तुत करना चाहिए था। उचित योजना और प्रबंधन के अभाव में यह कार्यक्रम अव्यवस्था का उदाहरण बन गया।
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