img-fluid

कोर्ट रूम में सख्त रुख: CJI बोले-जज को आंख दिखाना भारी पड़ेगा जानिए पूरा मामला

January 24, 2026

नई दिल्ली। हाईकोर्ट(High Court) में जज के साथ कहासुनी से जुड़े मामले में फंसे वकील को सुप्रीम कोर्ट (SupremeCourt)से फटकार मिली है। वकील के खिलाफ आपराधिक अवमानना (criminal contempt)का नोटिस जारी हुआ था, जिसके बाद उन्होंने शीर्ष न्यायालय(apex court) का रुख किया था। मामले की सुनवाई कर रहे भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ( Chief Justice Surya Kant)ने अदालत में चेतावनी दी और कहा कि अगर वह आंख दिखाना चाहते हैं, तो हम भी देख लेंगे वह क्या कर लेंगे।
मामला बीते साल 16 अक्तूबर, झारखंड हाईकोर्ट का है। एक मामले में सुनवाई के दौरान एडवोकेट महेश तिवारी ने जस्टिस राजेश कुमार को सीमा पार नहीं करने के लिए कह दिया था। इसके बाद उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना का नोटिस जारी हुआ। इस नोटिस के खिलाफ वह सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे, जहां उन्हें सीजेआई की नाराजगी का सामना भी करना पड़ा।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, CJI ने कहा, ‘वह सुप्रीम कोर्ट से आदेश सिर्फ यह दिखाने के लिए चाहते हैं कि क्या बिगाड़ लिया मेरा।’ उन्होंने एडवोकेट को नोटिस के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में आने पर भी फटकार लगाई। उन्होंने कहा, ‘अगर वह माफी मांगना चाहते हैं, तो उन्हें माफी मांगनी चाहिए…। अगर वह जजों को आंख दिखाना चाहते हैं, तो दिखाएं। हम भी यहां बैठे हैं और फिर हम भी देख लेंगे।’

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट से कहा है कि अगर वकील माफी मांग लेते हैं, तो उनके प्रति सहानुभूति रखी जाए।

झारखंड हाईकोर्ट में क्या हुआ
उस दौरान एडवोकेट तिवारी एक विधवा का केस लड़ रहे थे, जिनका 1 लाख 30 हजार से ज्यादा बकाया होने के कारण बिजली कनेक्शन काट दिया गया था। मामले की सुनवाई होने के बाद जस्टिस कुमार ने राज्य के बार काउंसिल अध्यक्ष से वकील के काम करने के तरीके पर संज्ञान लेने के लिए कहा।


  • इसपर तिवारी उठे और और उंगली दिखाते हुए जज से कहा, ‘मैं अपनी तरह से बहस कर सकता हूं, आप जो कह रहे हैं उस तरीके से नहीं। ध्यान रखें…। किसी भी वकील को अपमानित करने की कोशिश ना करें। मैं आपको बता रहा हूं।’ इसपर जज ने कहा कि आप यह नहीं कह सकते कि कोर्ट ने अन्याय किया है। एडवोकेट ने जवाब दिया, ‘क्या मैंने कहा ऐसा?’ उन्होंने जज से लाइव वीडियो रिकॉर्डिंग की जांच करने के लिए कहा। साथ ही बताया कि वह दूसरे वकील थे, जिन्होंने उस वाक्य का इस्तेमाल किया जिसपर जज को आपत्ति हुई।

    इसके बाद झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली बेंच ने वकील के खिलाफ अवमानना का नोटिस जारी किया था।

    Share:

  • भागीरथपुरा में फूटा आक्रोश! ब्रिज पर अर्थी रखकर प्रदर्शन

    Sat Jan 24 , 2026
    प्रशासन द्वारा पानी से मौत नहीं माने जाने पर इंदौर। भागीरथपुरा में जहरीले पानी की त्रासदी के बाद रहवासी अब उग्रता पर उतर आए हैं। आक्रोश व्यक्त करते लोगों ने मृत बद्रीलाल प्रसाद की अर्थी भागीरथपुरा ब्रिज पर रखकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रशासन द्वारा मौतों को […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved