
डेस्क: अफगानिस्तान में तालिबान का राज आने के बाद से ही महिलाओं के खिलाफ कड़े नियम लागू किए जा रहे हैं. इसी बीच तालिबान ने महिलाओं को लेकर एक और दमनकारी आदेश जारी किया है. तालिबान ने अपने आदेश में कहा कि इबादत करते समय महिलाओं की आवाज सुनाई नहीं देनी चाहिए. तालिबान ने महिलाओं की आवाज को आवारा कहा है.
तालिबान के मंत्री मोहम्मद खालिद हनफी ने आदेश में कहा है कि औरतों की आवाज को आवारा माना जाता है, इसी वजह से उन्हें छिपकर रहने की जरूरत है. सार्वजनिक स्थानों पर उनकी आवाज किसी को सुनाई नहीं देनी चाहिए, यहां तक की महिलाओं को भी नहीं. कुरान पढ़ते समय भी उनकी आवाज सुनाई नहीं देनी चाहिए. पूर्वी लोगार प्रांत में एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री खालिद हनफी ने इसकी घोषणा की है.
रिपोर्ट के अनुसार, हनफी ने कहा कि महिलाओं को जोर से कुरान नहीं पढ़ना चाहिए, चाहे वो दूसरी महिलाओं के साथ क्यों ही ना हो. उन्होंने आगे कहा, “महिलाओं को तकबीर या अज़ान कहने की भी अनुमति नहीं है. महिलाओं के संगीत सुनने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है”.
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved