
डेस्क: भारत और अफगानिस्तान के बीच 3 टी20 मैच की सीरीज के लिए इंतजार की घड़ियां खत्म हो गई हैं. वो दिन आ गया है जब भारतीय टीम अपने ही देश में मेहमान के रूप में खेलेगी. नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में भारतीय खिलाड़ी होम ड्रेसिंग रूम के बजाए मेहमान टीम के ड्रेसिंग रूम में बैठेंगे, जो पहली बार होने जा रहा है. मगर ड्रेसिंग रूम कोई भी हो, मेजबान कोई भी हो, मैदान और परिस्थितियां वही हैं, जिनसे भारतीय खिलाड़ी वाकिफ हैं. मगर क्या इसका टीम इंडिया को फायदा होगा? क्या रिकॉर्ड इसकी गवाही देते हैं?
इसका सीधा जवाब तो यही है कि भारतीय टीम को फायदा होगा. जाहिर तौर पर टीम इंडिया वर्ल्ड चैंपियन है और लगभग पूरी ताकत के साथ उतर रही है. साथ ही वो इस मैदान और परिस्थितियों से वाकिफ है. इसी साल फरवरी में टीम इंडिया ने जेटली स्टेडियम में टी20 वर्ल्ड कप के मैच में नामीबिया को 93 रन से हराया था. ऐसे में पलड़ा तो स्वाभाविक तौर पर टीम इंडिया का ही भारी है.
मगर एक दूसरा पहलू ये है कि अरुण जेटली स्टेडियम टी20 क्रिकेट में पूरी तरह टीम इंडिया के लिए फायदेमंद नहीं रहा है और रिकॉर्ड इसे साबित करते हैं. इस मैदान पर भारत ने कुल 5 टी20 मैच खेले हैं, जिसमें से उसे 3 में ही जीत मिली है जबकि 2 बार हार का मुंह देखना पड़ा है. भारत को जो दो हार इस मैदान पर मिलीं, उसमें एक बांग्लादेश और दूसरी साउथ अफ्रीका के खिलाफ आई थी. ऐसे में टीम इंडिया थोड़ी सतर्कता के साथ इस मैच में उतरेगी.
वहीं इस मैदान के अन्य रिकॉर्ड की बात करें तो यहां पहले गेंदबाजी करने वाली टीम को ही फायदा पहुंचा है. यहां खेले गए कुल 14 टी20 मैच में से 9 बार पहले बॉलिंग करने पर जीत मिली है. सिर्फ 5 मैच ही ऐसे हैं, जिसमें पहले बैटिंग करने का फायदा जीत के रूप में मिला है. संयोग से ये मैच इसलिए भी खास होने वाला है क्योंकि अफगानिस्तान की टीम 10 साल बाद इस मैदान पर टी20 मैच खेलेगी. जेटली स्टेडियम में सबसे पहला टी20 मैच अफगानिस्तान और इंग्लैंड के बीच 2016 में खेला गया था, जिसे इंग्लैंड ने जीता था.
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