
हैदराबाद. तेलंगाना (Telangana) के मुख्यमंत्री (CM) ए रेवंत रेड्डी (Revanth Reddy) ने मंगलवार को विधानसभा (Assembly) में कहा कि बीआरएस प्रमुख (BRS Chief) और पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (Chandrashekhar Rao) को दिसंबर 2023 से फरवरी 2026 तक नेता प्रतिपक्ष के रूप में 1 करोड़ 6 लाख 56 हजार 674 रुपये सैलरी और भत्ते मिल चुके हैं, बावजूद इसके वे लगातार विधानसभा में उपस्थित नहीं हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा में गवर्नर के अभिभाषण के दौरान केसीआर की गैरहाजिरी लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान है। उन्होंने यह भी कहा कि 4 करोड़ तेलंगाना वासियों की उम्मीद थी कि पूर्व मुख्यमंत्री नए गवर्नर के अभिभाषण के समय औपचारिक शुभकामनाएं देने के लिए आएंगे।
रेवंत रेड्डी का तंज
रेवंत रेड्डी ने विधानसभा में कहा “नेता प्रतिपक्ष को लगातार अपनी जिम्मेदारियों से दूर रहने पर बहस और निर्णय की आवश्यकता है। किसी भी सरकारी पद पर बैठे व्यक्ति को बिना कार्य किए सैलरी लेना उचित नहीं है। मैं किसी का नाम विशेष रूप से नहीं ले रहा हूं।” उन्होंने केसीआर से अपील की कि वे विधानसभा में आएं और बहसों के दौरान अपने सुझाव दें। उन्होंने कहा कुछ लोग खुद को राजा समझते हैं और चुनाव में जनता की निर्णय को भूल जाते हैं, लोकतंत्र का मजाक उड़ाते हुए तानाशाही व्यवहार करते हैं।
बीआरएस सरकार के कर्ज पर निशाना
रेवंत रेड्डी ने बीआरएस सरकार पर राज्य के भारी कर्ज लेने का भी आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2013 से दिसंबर 2023 तक केसीआर के नेतृत्व वाली सरकार ने 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज लिया। वर्तमान सरकार ने दिसंबर 2023 से फरवरी 2026 के बीच 1.69 लाख करोड़ का कर्ज लिया और बीआरएस द्वारा लिए गए 1.76 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया। उन्होंने कहा कि बीआरएस सरकार ने 11.90 प्रतिशत उच्च ब्याज दर पर कर्ज लिया था, जिसे उन्होंने केंद्र सरकार से बात कर पुनर्गठित कराया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का उन्होंने सहयोग के लिए धन्यवाद भी दिया।
रेवंत रेड्डी ने बीआरएस द्वारा उनके अतिक्रमण विरोधी अभियान पर आलोचना का जवाब देते हुए पुराने वीडियो भी दिखाए, जिसमें केसीआर और के टी रामाराव अतिक्रमण हटाने का समर्थन कर रहे थे।
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