
नई दिल्ली। पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया। उसके बाद पाकिस्तान युद्ध पर अमादा हो गया और बिना किसी आधिकारिक एलान के वह युद्ध के मैदान में उतर गया, हालांकि भारत की लड़ाई आज भी पाकिस्तान के खिलाफ नहीं, बल्कि आतंक के खिलाफ है। पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तानी आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया जिसमें आतंकियों के करीब 9 ठिकानों को मिट्टी में मिलाया गया।
संघर्ष के दौरान पाकिस्तान ने भारत पर मिसाइल से लेकर ड्रोन तक से हमले किए, लेकिन भारतीय डिफेंस सिस्टम ने हमले को पूरी तरह से नाकाम कर दिया। इस संघर्ष के बीच एक बड़ी चीज देखने को मिली और वो यह है कि संघर्ष भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ लेकिन कंपनियां चीन की बर्बाद हो रही हैं। आइए समझने की कोशिश करते हैं कि इसके पीछे क्या राज है?
युद्दविराम की घोषणा के बाद भारतीय बाजार में जहां शानदार हरियाणी देखने को मिली, वहीं चाइनीज स्टॉक मार्केट में तबाही नजर आई, खासतौर पर चाइनीज डिफेंस स्टॉक में। चीन के प्रमुख डिफेंस स्टॉक में 9 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। दरअसल यह पूरा मामला भारत के डिफेंस सिस्टम से जुड़ा हुआ है। चीन की जे-10सी लड़ाकू विमान निर्माता कंपनी Avic Chengdu Aircraft Co. के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई, जो करीब 9% लुढ़क गए।
वहीं, सैन्य और नागरिक जहाज बनाने वाली चाइना शिपबिल्डर कॉरपोरेशन के शेयरों में 4% से ज्यादा की गिरावट आई। इलेक्ट्रॉनिक डिफेंस उपकरण बनाने वाली Zhuzhou Hongda Electronics Corp Ltd के शेयर भी 6% से अधिक टूट गए। बता दें कि यह कंपनी मिलिट्री डोन भी बनाती है और इसके ड्रोन का इस्तेमाल पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ किया जिसे भारत ने नाकाम कर दिया।
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